फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिलिए कारगिल के ऐसे योद्धा से, जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया था

Wed, 23 Nov 2016 02:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 9
देश का पहला ब्लेड रनर और कारगिल का योद्धा डीपी सिंह
आइए आपको मिलाते हैं कारगिल के एक ऐसे योद्धा से, जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। इनका नाम है मेजर डीपी सिंह और दिलचस्प है इनकी कहानी।
विज्ञापन

चंडीगढ़ से दिल्ली तक मैराथॉन का आयोजन कर रहे

2 of 9
देश का पहला ब्लेड रनर और कारगिल का योद्धा डीपी सिंह
कारगिल के युद्ध में डीपी सिंह बुरी तरह से घायल हो गए थे। उनका एक पैर भी कट चुका था। इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था, लेकिन वह बाद में जी उठे और उन्होंने कृत्रिम पैर की मदद से 21 किलोमीटर की मैराथन भी पूरी कर चुके हैं।
विज्ञापन

दौड़ने के इच्छुक इस लिंक पर रजिस्टर कर सकते हैं

3 of 9
देश का पहला ब्लेड रनर और कारगिल का योद्धा डीपी सिंह
उन्हें फर्स्ट इंडियन ब्लेड मैराथन रनर के नाम से भी पहचाना जाता है। जब वे ठीक हुए तो उन्होंने वो कर दिखाया जो शायद किसी ने भी सपने में नहीं सोचा होगा। उन्होंने अपने कृत्रिम पैर की मदद से 21 किलोमीटर की मैराथन दौड़ पूरी की, जिस पैर से चार से पांच किलोमीटर चलना ही काफी पीड़ादायक होता है।

4 of 9
देश का पहला ब्लेड रनर और कारगिल का योद्धा डीपी सिंह
मैराथन के बाद से वह दिव्यांगों के लिए आइकन बन चुके हैं, लेकिन अब यही जुनून और जज्बा वे उन सभी दिव्यांगों में देखना चाहते हैं, जो अपने अंदर हीन भावना रखते हैं। इस उद्देश्य से वे चंडीगढ़ से दिल्ली तक स्वच्छ एबिलिटी रन 2016 आयोजित करने जा रहे हैं।
विज्ञापन

5 of 9
देश का पहला ब्लेड रनर और कारगिल का योद्धा डीपी सिंह
इसकी शुरूआत 27 नवंबर को चंडीगढ़ से होने जा रही है। सोमवार को वेस्टर्न कमांड के पीआरओ दफ्तर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में मेजर डीपी सिंह ने बताया कि इस आयोजन में दो तरह की मैराथन रखी गई है।
विज्ञापन

6 of 9
देश का पहला ब्लेड रनर और कारगिल का योद्धा डीपी सिंह
एक तीन किलोमीटर और दूसरी दस किलोमीटर की। दोनों में कोई भी हिस्सा ले सकता है। दिव्यांग, पूर्व सैनिक और स्कूली बच्चों के लिए कोई फीस नहीं रखी गई है, जबकि आम लोगों के लिए 100 रूपये फीस रखी गई है। जिस क्षेत्र से मैराथन शुरू होगी, उसके आसपास के एरिया को साफ-सुथरा रखेंगे।
विज्ञापन

7 of 9
देश का पहला ब्लेड रनर और कारगिल का योद्धा डीपी सिंह
मैराथॉन में जो भी हिस्सा लेना चाहते हैं, वे www.swachhabilityrun.com/events/event-registration/ पर अपना नाम रजिस्टर्ड कर सकते हैं, या फिर सेक्टर-22 स्थित जीके सीमेंट के दफ्तर में जाकर नाम लिखवा सकते हैं। चंडीगढ़ के बाद अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, नोएडा और दिल्ली। स्वच्छ एबिलिटी रन चार दिसंबर को दिल्ली में खत्म होगी।

8 of 9
देश का पहला ब्लेड रनर और कारगिल का योद्धा डीपी सिंह
डीपी सिंह ने बताया कि बड़े शहरों के मुकाबले छोटे शहरों में अब भी दिव्यांगों को लगता है कि वे कुछ नहीं कर सकते। उन्हें एक सहारे की जरूरत है, जबकि ऐसा नहीं होता। हर इंसान के अंदर एक शक्ति होती है, बस उसे पहचानने की जरूरत होती है।
विज्ञापन

9 of 9
देश का पहला ब्लेड रनर और कारगिल का योद्धा डीपी सिंह
यदि जुनून और जज्बा है तो जिंदगी की कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती। यदि दिव्यांग इसमें दौड़ते हैं तो और वे अपने टारगेट तक पहुंचेंगे तो उनके अंदर एक विश्वास आएगा और वे हर काम करने में सक्षम होंगे। फिर उन्हें किसी भी सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें