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गोल्डन जुबलीः हरियाणा के 5 हीरो, जिन्होंने दुनिया भर में चमकाया नाम

Wed, 02 Nov 2016 09:31 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के खिलाड़ी
हरियाणा की 50वीं सालगिरह के मौके पर आइए आपको रूबरू कराते हैं उन पांच हीरो से, जिन्होंने दुनिया भर में प्रदेश का नाम रोशन किया।
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ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
साक्षी मलिकः मात्र 10 सेकेंड में पूरी बाजी पलटकर रियो ओलंपिक 2016 में देश को पहला मेडल ​दिलाया। 24 साल की साक्षी हरियाणा के रोहतक जिले से हैं। साक्षी मलिक ने रियो में भारत के लिए 58 किग्रा वर्ग फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही उन्हें ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान का दर्जा भी मिला। साक्षी ने रिपचेज राउंड में किरगिस्तान की पहलवान को मात दी। इस उपलब्धि के लिए दुनिया भर में साक्षी की तारीफ हुई और वे युवाओं के लिए मिसाल बन गईं।
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Yogeshwar dutt - फोटो : अमर उजाला
योगेश्वर दत्तः योगेश्वर ने 2012 के लंदन ओलंपिक में 60 किलोग्राम भारवर्ग में भारत के लिए कांस्य पद जीता था। फ्री-स्टाइल कुश्ती में पदक जीतने वाले वो दूसरे पहलवान बने। 2008 के बीजिंग ओलंपिक में भी योगेश्वर ने शिरकत की थी, मगर वो क्वार्टरफाइनल में हारकर बाहर हो गए थे। 33 साल के योगेश्वर दत्त ने रियो ओलंपिक में फ्री-स्टाइल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। हरियाणा के सोनीपत जिले में पैदा हुए योगेश्वर दत्त इंटरनेशनल पहलवान हैं और युवाओं के आदर्श हैं।

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दीपा मलिक - फोटो : getty
दीपा मलिक: सोनीपत जिले की दीपा मलिक ने रियो पैरालिम्पिक में शॉट पुट में सिल्वर मेडल हासिल कर इतिहास रच दिया। दीपा ने F53 शॉटपुट इवेंट में 4.61 के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। भैंसवाल गांव की दीपा मलिक ने स्पाइन ट्यूमर से जंग जीती और फिर खेल में मेडल के अंबार लगा डाले। पैरालंपिक मेडलिस्ट दीपा मलिक जिस समय ट्यूमर जैसी बीमारी से जंग लड़ रही थी और घर में बिस्तर पर थी। उसी समय उनके पति कर्नल विक्रम सिंह कारगिल में देश के लिए जंग लड़ रहे थे। उस दौरान ही दीपा की स्पाइनल ट्यूमर सर्जरी हुई और उनको 183 टांके लगे थे।
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प्रोफेशनल बॉक्सर विजेंदर सिंह
विजेंद्र सिंहः इस खिलाड़ी ने ओलपिंक में भारत को बॉक्सिंग में पहला पदक दिलाया था। उन्होंने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। 29 अक्टूबर, 1985 में हरियाणा के भिवानी में जन्में विजेंद्र के पिता महिपाल सिंह बेनीवाल हरियाणा रोडवेज़ में बस ड्राईवर हैं। उनकी मां गृहणी हैं। विजेंद्र बेहद निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से जुड़े हैं। विजेंदर ने 2004 के एथेंस समर ओलंपिक्स और 2006 के कामनवेल्थ गेम्स खेले। 2006 में दोहा में हुए एशियन गेम्स में ब्रोंज मेडल जीता। 2008 के बीजिंग ओलंपिक्स में क्वार्टरफाइनल में इक्वेडोर के कार्लोस गोंगोरा को 9-4 से हराकर ब्रोंज जीता।
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इंटरनेशनल रेसलर गीता फौगाट
गीता फौगाटः भिवानी जिले के गांव बलाली के फौगाट परिवार की इस बेटी ने देश का गौरव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार बढ़ाया है। गीता ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक, राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप 2009 में स्वर्ण, 2011 में स्वर्ण और में 2013 में रजत जीता। 2012 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य, एशियन कुश्ती चैंपियनशिप 2012, 2015 में कांस्य पदक और 2012 में एशियन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। हाल ही में हरियाणा सरकार ने उन्हें इंस्पेक्टर से डीएसपी के पद पर प्रमोट किया।

 
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