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पिता कूड़ा बीनते हैं, तीरंदाज बेटी ओलंपिक खेलने जाएगी, देखें प्रोफाइल

Wed, 03 Aug 2016 09:29 AM IST
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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रोहतक की तीरंदाज बेटी ने दिलाया पैरा ओलंपिक का टिकट - फोटो : अमर उजाला
पिता कूड़ा बीनते हैं, लेकिन 25 साल की तीरंदाज बेटी ने रियो में होने वाले पैरा ओलंपिक का टिकट हासिल करके इतिहास रच दिया। देखिए पूरा प्रोफाइल।
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पिता कूड़ा बीनते हैं, तीरंदाज बेटी ओलंपिक खेलने जाएगी

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रोहतक की तीरंदाज बेटी ने दिलाया पैरा ओलंपिक का टिकट - फोटो : अमर उजाला
पूजा देश की पहली महिला तीरंदाज होंगी जो पैरा ओलंपिक में खेलने जाएंगी। अभी तक कोई भी महिला तीरंदाज पैरा ओलंपिक में जगह नहीं बना सकी हैं। कूड़ा बीनने वाले की बेटी पूजा को पैरा ओलंपिक का टिकट जून में चेक रिपब्लिक में हुई वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में पांचवें स्थान पर आने के कारण मिला है। तीरंदाज बनने से पहले पूजा डिस्कस थ्रो खेलती थीं, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते हैं।
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पिता कूड़ा बीनते हैं, तीरंदाज बेटी ओलंपिक खेलने जाएगी

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रोहतक की तीरंदाज बेटी ने दिलाया पैरा ओलंपिक का टिकट - फोटो : अमर उजाला
दो साल पहले ही पूजा ने तीरंदाजी में हाथ अजमाना शुरू किया और अब रियो ओलंपिक का टिकट कटा लिया। रोहतक के पुराना बस स्टैंड के पास रहने वाली पूजा ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पैरा ओलंपिक में जगह बनाई है। उसके पिता भोलाराम रेहड़ी लेकर कूड़ा बीनते हैं। पिता की इसी कमाई से परिवार का गुजारा होता है। चार भाई बहनों में सबसे बड़ी पूजा का तीन साल की उम्र में पोलियो के कारण पैर खराब हो गया था। उसकी उम्र के साथ ही परिवार वालों की चिंता बढ़ती गई, लेकिन पूजा ने पढ़ाई के साथ खेल को चुन लिया।

पिता कूड़ा बीनते हैं, तीरंदाज बेटी ओलंपिक खेलने जाएगी

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रोहतक की तीरंदाज बेटी ने दिलाया पैरा ओलंपिक का टिकट - फोटो : अमर उजाला
पूजा पहले एथलेटिक्स खिलाड़ी बनी, लेकिन तीरंदाज बनने की चाहत के कारण दो साल पहले तीरंदाजी शुरू की। अब वह रियो में 10-21 सितंबर तक होने वाले पैरा ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेगी। पूजा कहती हैं कि उसका तीरंदाज बनने का सपना कभी पूरा नहीं होता यदि कोच संजय सुहाग मदद नहीं करते। संजय सुहाग ने उसे खेल से संबंधित सभी सुविधाएं फ्री में उपलब्ध कराई। वह कहती है कि कोच ने उसे दिनभर धूप में खड़ा कराकर प्रैक्टिस कराई और उसका परिणाम सामने है।
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पिता कूड़ा बीनते हैं, तीरंदाज बेटी ओलंपिक खेलने जाएगी

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रोहतक की तीरंदाज बेटी ने दिलाया पैरा ओलंपिक का टिकट - फोटो : अमर उजाला
पूजा ने केवल तीरंदाजी में ही कामयाबी नहीं हासिल की है। 19 साल की उम्र में उसने एथलेटिक्स में डिस्कस थ्रो को चुना था। चार साल तक उसमें सफलता हासिल करती रही। चार बार नेशनल गेम्स खेलते हुए दो गोल्ड, तीन सिल्वर और एक ब्रांज मेडल जीता है। उसने दो साल पहले वर्ष 2014 में तीर-कमान संभाला तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। पूजा ने इसी साल तीरंदाजी में नेशनल में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। पूजा पढ़ाई में भी आगे रही। उसने इस साल एम लिब की परीक्षा पास की है।
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