दुनिया में एक ऐसा इंसान था, जो दिन में सपने देखता था। वह किस्से कहानियों के किरदार में हमेशा जिंदा रहता था। मरने के बाद उसे कहां दफनाया गया था? यहां जानिए।
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शेख चिल्ली का मकबरा
- फोटो : फाइल फोटो
शेख चिल्ली का मकबरा कुरुक्षेत्र के थानेसर में थोड़ा सा शहर से बाहर की तरफ है। यहां इस काम्प्लेक्स में दो मकबरे हैं, एक बड़ा और उसके सामने ही एक और छोटा। बड़ा मक़बरा शेख चिल्ली का है और कहते हैं कि छोटा मकबरा उनकी बीवी का है।
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शेख चिल्ली का मकबरा
- फोटो : फाइल फोटो
शेख का मकबरा पर्शियन स्टाइल में गोल गुम्बद के जैसा है, लेकिन मक़बरा कुछ आयताकार है। इस काम्प्लेक्स में एक मस्जिद भी है, जिसे पत्थर मस्जिद कहते हैं।
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शेख चिल्ली का मकबरा
- फोटो : फाइल फोटो
मुगल बादशाह शाहजहां के बेटे दारा शिकोह के गुरु सूफी संत अब्दुर्र-रहीम अब्दुल करीम अब्दुर रज्जाक उर्फ शेख चिल्ली के नाम पर कई किस्से भी मशहूर हैं। कुरुक्षेत्र के थानेसर में दारा शेख चिल्ली से तालीम हासिल करते थे। शेख चिल्ली की मौत के बाद उन्हें यहीं महल के तहखाने में दफनाया गया था।
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शेख चिल्ली का मकबरा
- फोटो : फाइल फोटो
केंद्रीय पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि कुछ स्मारकों की आदर्श स्मारक के रूप में पहचान की गई है। इनमें यह मकबरा भी है, जो संरक्षित श्रेणी में आता है। यहां वाई-फाई, कैफेटेरिया, दुभाषिया केंद्र, ब्रेल संकेतक, आधुनिक टॉयलेट जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
अधिकारियों के मुताबिक शेख चिल्ली के मकबरे के विकास का मकसद शेख चिल्ली से जुड़ी जानकारियां लोगों तक पहुंचाना है। ऐसा पहली बार होगा जब हरियाणा में किसी इमारत को देखने के लिए एंट्री टिकट लगेगा। नाम रौशन करेंगे।
- अनिल विज, खेल मंत्री