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पठानकोट में दहशत के 90 घंटे, कब-क्या और कैसे, एक नजर में

Mon, 04 Jan 2016 08:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पठानकोट
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पंजाब के पठानकोट में एयरफोर्स स्टेशन में आतंकियों को दहशत फैलाए 90 घंटे हो गए हैं। जानिए अब तक कब, क्या और कैसे हुआ?
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पठानकोट में दहशत के 90 घंटे, कब-क्या और कैसे, एक नजर में

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बुधवार रात यहां से हुई घुसपैठः सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि आतंकवादी बमियाल नाले के पास से भारतीय सीमा में घुसे। इस इलाके में कंटीली बाड़ नहीं है और नाला होने की वजह से धंध और रात के अंधेरे का उन्हें लाभ मिला होगा। वैसे यहां बीएसएफ की एक चौकी है। पाकिस्तान के इखलासपुर से होकर वे यहां तक पहुंचे होंगे।
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यहां से चले थे एसपी सलविंदरः वीरवार रात सवा 11 बजे गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह तलूर स्थित डेरे से अपने दोस्त और कुक के साथ महेंद्रा एक्‍सयूवी से अपने घर नरोट जैमल के लिए निकले।

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यहां से छीनी गई थी एसपी की गाड़ीः यह माना जा रहा है कि आतंकवादी बमियाल से जिस इनोवा में आए वह नरोट जैमल सिंह के पास पंक्चर हो गई। इस दौरान रात साढ़े 11 बजे एसपी की एक्सयूवी गांव में पहुंची। आतंकवादियों ने गाड़ी सहित एसपी और उनके साथियों को अगवा कर लिया और पठानकोट की ओर बढ़ गए।
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मुख्यमार्ग से बचते हुए निकले आतंकीः नरोट जैमल सिंह से पठानकोट का मुख्यमार्ग कठुआ होकर आता है। मगर यहां सख्त चौकसी होने की वजह से आतंकियों ने इसे नहीं चुना। आतंकवादियों ने नरोट जैमल सिंह से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर कथलौर पुली के पास इनोवा चालक एकाग्र सिंह का शव फेंक दिया।  
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यहां गाड़ी से एसपी सलविंदर को फेंकाः आतंकवादियों ने गुलपुर के पास एसपी सलविंदर ‌सिंह को गाड़ी से फेंका। कुछ किलोमीटर आगे उनके कुक को भी उतार दिया। जबकि उनके दोस्त के गले पर चाकू से वार कर फेंक दिया।
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यहां छोड़ी एसपी की गाड़ीः अकालगढ़ में 31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरमियानी रात पठानकोट से करीब 3 किलोमीटर पहले एसपी से छीनी गई गाड़ी पंक्चर हो गई। पूरा इलाका उनके लिए नया था। इसलिए नए साल पर हमले के मंसूबे को टालते हुए पास के इलाके में दिनभर छिपे रहे।

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आतंकी हमला और पहला दिनः पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन, 2 जनवरी 2016, सवेरे 3 बजकर 5 मिनट पर, शाम तक 5 आतंकी ढेर, 12 घायल। अब तक कुल 6 आतंकी मारे जा चुके हैं। 7 जवान शहीद हुए और 20 जवान घायल हुए।

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आतंकी हमला दूसरा दिनः पठानकोट में दहशत का माहौल बना रहा एयरफोर्स स्टेशन में दो और आतंकियों के छिपे होने की खबर थी, जिन्हें मार ‌गिराया गया है। दूसरी ओर, आज जब सेना के जवान मारे गए आतंकियों के शव तलाश रहे थे तो वहां विस्फोटक सामग्री मिली। जिसे निष्क्रिय करते हुए एनएसजी के लेफ्टीनेंट कर्नल निरंजन शहीद हो गए। धमाके में एनएसजी के छह कमांडो घयाल हो गए।

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हमले में अब तक ये हुए शहीद: आनरेरी कैप्टन फतेह सिंह, सिपाही कुलवंत सिंह, सिपाही जगदीश सिंह, सिपाही संजीव कुमार, सिपाही गुरतेवर कर्पूर और ब्लैक कैट कमांडो की गरुड़ कंपनी का एक कमांडो, एनएसजी कमांडो निरंजन शर्मा।

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घायलों में अब तक ये शामिल: दलजीत सिंह सूबेदार, नायक वेद प्रकाश, नायक कस्तूरी लाल, नायक बीएस जौहर, बिशनदास, आर्मी के हवलदार यशपाल, मेजर रोहित, सूबेदार करतार सिंह, हेड कांस्टेबल भूप सिंह और अन्य।

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पठानकोट में आज दूसरे दिन भी दहशत का माहौल बना हुआ है। एयरफोर्स स्टेशन में दो और आतंकियों के छिपे होने की खबर है। सेना उनकी तलाश में जुटी है। देखिए तस्वीरें।

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वहीं, आज जब सेना के जवान मारे गए आतंकियों के शव तलाश रहे थे तो वहां विस्फोटक सामग्री मिली। जिसे निष्क्रिय करते हुए एनएसजी के लेफ्टीनेंट कर्नल निरंजन शहीद हो गए। धमाके में एनएसजी के पाचं कमांडो घयाल हो गए।

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डीआईजी (बॉर्डर) कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि पठानकोट में तलाशी अभियान चल रहा है। एयरबेस में अब भी दो आतंकी छिपे हैं। सीआरपीएफ ने पूरे शहर को घेर लिया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं।

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हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई रऊफ के इशारे पर यह हमला हुआ। अजहर वही आतंकी है जिसे 17 साल पहले कंधार प्लेन हाईजैक केस में भारतीयों की रिहाई के बदले छोड़ा गया था।

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गौरतलब है कि शनिवार को सवेरे तीन बजे सेना की वर्दी पहने पांच आतंकी पठानकोट के एयरफोर्स बेस कैंप घुसे। उसके बाद आर्मी और एनएसजी की टीम ने 17 घंटे तक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर पांच आतंकवादियों को मार गिराया। इस हमले में छह जवान भी शहीद हो गए और नौ जवानों समेत 12 लोग घायल हो गए।

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आतंकवादी करीब 20 किलोमीटर के दायरे में फैले एयरफोर्स स्टेशन में गांव धीरा की ओर से पिछली दीवार फांदकर अंदर घुसे थे। हमले के तुरंत बाद पठानकोट कैंट से ही आर्मी की टुकड़ी और एनएसजी की टीम को एयरफोर्स हेडक्वार्टर बुलाया गया और इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया।

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बताया जा रहा है कि आतंकियों के लिए पठानकोट में टैक्सी का इंतजाम पाकिस्तानी नंबर से फोन करके किया गया था। आतंकवादी लगातार अपने पाकिस्तानी आकाओं से संपर्क में थे। आतंकवादियों ने हमले के लिए पहले एक टोयोटा इनोवा का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि इसके ड्राइवर को पाकिस्तान से फोन किया गया था।

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सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की तरफ से सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने की साजिश की जा रही है। इसी कारण बार-बार हमला सिर्फ सुरक्षा बलों पर किया जा रहा है।

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21 मार्च 2015 को पठानकोट-जम्मू हाईवे पर दो आत्मघाती आतंकवादियों ने आर्मी के कैंप पर हमला बोल दिया था। ठीक एक दिन पहले 20 मार्च को जेहादी आतंकवादियों ने एक जीप को छीनकर कठुआ पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर छह लोगों की हत्या कर दी थी।
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आईबी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों का एक मात्र मकसद सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना व दहशत पैदा करना है, इसलिए उनका टारगेट सिर्फ आर्म्ड फोर्स हैं, चाहे वह बीएसएफ हो, आर्मी हो या पुलिस।
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