सोनीपत के बौद्ध विहार में 105 वर्षीय फूलपति ने मरने से पहले अपनी आखिरी इच्छा में समाज को एक बेहतरीन संदेश दिया। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार माता-पिता के निधन पर अब तक बेटे-बेटियों को ही कंधा देते सुना था लेकिन फूलपति की अंतिम यात्रा उनकी बहुओं के कंधे पर निकली। 105 साल की फूलपति का भरा पूरा परिवार है। उनके पांच बेटे और तीन बेटियां हैं। पांच बेटों में आगे नौ पोते और नौ पोतियां भी हैं। फूलपति पांच साल से चारपाई पर थीं। पुत्रवधुएं ही फूलपति की सेवा कर रही थीं।