101 साल की गोल्ड मेडलिस्ट एथलीट ने अपनी तंदरुस्ती, स्वस्थ शरीर और लंबी उम्र का राज बताया तो सभी हैरान रह गए। आप भी जानिए क्या कहा?
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एथलीट मान कौर
एथलेक्टिस में मेडल जीतने वाली 101 वर्षीय मान कौर ने रविवार को रैंप वॉक कर दिखा दिया कि अगर वह इस उम्र में यह सब कर सकती हैं तो बाकी की महिलाएं क्यों नहीं। न्यूजीलैंड में पदक जीतने वाली मान रविवार को पहली बार अपने घर चंडीगढ़ पहुंची। इसके बाद वह सेक्टर-35 में आयोजित ‘मदर्स डे’ के कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची।
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एथलीट मान कौर
कार्यक्रम में ट्राइसिटी में जल्द मां बनने वाली महिलाओं से लेकर दो वर्ष के बच्चों वाली माताओं ने रैंप वॉक में हिस्सा लिया। रैंप वॉक करते हुए मान कौर का आत्म विश्वास देखते ही बनता था। वह बेझिझक रैंप पर चल रही थी। वहीं सामने बैठे 79 वर्षीय बेटे गुरदेव अपनी मां के इस नए अंदाज का निहार रहे थे।
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एथलीट मान कौर
- फोटो : अमर उजाला
इस उम्र में भी चुस्त फुर्त दिखनी वली मान कौर से जब उनकी सेहत का राज पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह पिछले कई सालों से उन्होंने कुछ भी तला हुआ नहीं खाया। रोज सुबह छह बजे उठकर अभ्यास और घर के कार्य भी नियमित तौर पर करती हैं। उन्होंने कहा कि माएं अपने बच्चों की तंदरुस्ती चाहती हैं तो उन्हें जंक फूड से दूर रखे।
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एथलीट मान कौर
- फोटो : फाइल फोटो
मान कौर का यह भी कहना था कि आप छोटे बच्चे को बाजार की चीजें खाने से तो रोक सकते हो, लेकिन अगर बच्चा बड़ा हो तो उसे रोका नहीं जा सकता है। इसलिए छोटे होते ही उसमें ऐसी आदत डाले कि वे बड़ा होकर उसका पालन करे। छोटी उम्र में ही उन्हें फल फ्रूट, जूस और दूध पीने की आदत डालें।
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एथलीट मान कौर
- फोटो : फाइल फोटो
मान कौर अपने बेटे गुरदेव सिंह के साथ पिछले कुछ दिनों से पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में हैं। उन्हें यहां पर अभ्यास करने के लिए आवास भी दिया गया है। मान कौर जब सुबह उठकर दौड़ती है तो कई महिला स्टूडेंट्स भी उनके साथ दौड़ लगाने निकल पड़ती हैं। उनके बेटे गुरदेव सिंह ने बताया कि आने वाले समय में मलेशिया में एशियन चैंपियनशिप होनी हैं। इसके लिए वह अभी से तैयारी करने जुट गई हैं।
मान कौर ने बताया कि बचपन या जवानी से एथलेटिक्स में शामिल नहीं हुई। यह शौक तो 8 साल पहले ही शुरू हुआ, 93 की उम्र में। इससे पहले खेलों का कोई अनुभव नहीं था। बेटे ने इंटरनेशनल मास्टर्स गेम्स सर्किट में शामिल होने का सुझाव दिया। यहां जीत मिली तो आगे बढ़ती गई। अब तक 17 गोल्ड मेडल जीत चुकी हूं। मान कौर ने कहा कि किसी भी उम्र में ख्वाहिश पूरी हो सकती है।