फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काम की खबर: खराब है क्रेडिट स्कोर, तो इन विकल्पों से ले सकते हैं लोन

Tue, 11 Aug 2020 12:40 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
क्रेडिट रिपोर्ट - फोटो : pixabay
हम हमेशा सुनते हैं कि क्रेडिट स्कोर खराब होने पर बैंक या फिर कोई भी वित्तीय कंपनी ऋण नहीं देती है। खराब क्रेडिट स्कोर के चलते क्रेडिट कार्ड भी नहीं बनता है। लोन किसी इंसान की क्रेडिट काबिलियत के आधार पर मिलता है। क्रेडिट इंफोर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सिबिल) आपको 300 से 900 अंकों के बीच एक स्कोर प्रदान करता है। ये इस आधार पर तय होता है कि आपका पहले का क्रेडिट कार्ड उपयोग कितना है, आप अपना बैंक खाता कैसे रखते हैं, कोई चेक तो बाउंस नहीं हुआ है, मौजूदा लोन, बिना इंश्योरेंस के मौजूदा लोन, लोन के रीपेमेंट और आपने कितनी बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन दिया है। 

आपका क्रेडिट स्कोर जितना अच्छा होगा, लोन उतना ही सस्ता होगा। वहीं अगर क्रेडिट स्कोर खराब हो, तो उसकी कीमत आपको ज्यादा ब्याज देकर चुकानी पड़ेगी। सबसे पहले जानते हैं क्रेडिट स्कोर के बार में।

क्रेडिट स्कोर को आम बोलचाल की भाषा में सिबिल स्कोर भी कहा जाता है। भारत में इसे क्रेडिट इंफोर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया (सिबिल) ने सबसे पहले इसे जारी करना शुरू किया था। शुरुआत में इसको लेने के लिए पैसे खर्च करने पड़ते थे। लेकिन यह अब आपको हर महीने फ्री मिलता है। अब देश में चार कंपनियां हैं जो कि क्रेडिट स्कोर मुहैया कराती है। ये कंपनियां हैं क्रिफ हाई मार्क क्रेडिट सर्विस, इक्वीफैक्स क्रेडिट सर्विस, एक्सपेरियन क्रेडिट सर्विस और ट्रांस यूनियन सिबिल लिमिटेड। आप इन चारों कंपनियों से हर महीने फ्री में प्राप्त कर सकते हैं।

आइए जानते हैं अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो गया है, तो लोन लेने के लिए आपके पास कौन से बेहतर विकल्प हैं-
विज्ञापन

2 of 5
लोन - फोटो : iStock
बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल वाले सह आवेदक को जोड़ें
लोन के लिए मंजूरी देते हुए सह आवेदक/गारंटर की पुनर्भुगतान क्षमता भी देखी जाती है। इसके जरिए आपको ज्यादा लोन मिल सकता है और ब्याज दर भी कम हो सकती है। दरअसल ज्यादा क्रेडिट स्कोर और बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल वाले सह आवेदक को जोड़ने से बैंकों का जोखिम भी कम हो जाता है।
विज्ञापन

3 of 5
क्रेडिट स्कोर - फोटो : pixabay
आवेदकों की खोजबीन कर लें लोन
बैंक अलग-अलग क्रेडिट स्कोर पर विभिन्न लोन देते हैं। यानी कुछ लोन ज्यादा क्रेडिट स्कोर वालों को मिलते हैं, तो कुछ कम क्रेडिट स्कोर वालों को। इसलिए आपको कम क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों की खोज कर उन्हीं से लोन लेना चाहिए। सिबिल द्वारा दिए गए स्कोर के हिसाब से लोन की ईएमआई तय होगी। 

4 of 5
लोन - फोटो : pixabay
सुरक्षित लोन अपनाएं
आप लोन के अन्य सुरक्षित विकल्प जैसे गोल्ड लोन या संपत्ति के बदले लोन के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ संपत्ति विरवी रखनी पड़ती है। इन मामलों में क्रेडिट स्कोर को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता। गोल्ड लोन को आमूमन कोलैटरल लोन माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
क्रेडिट स्कोर - फोटो : pixabay
LTV रेश्यो का रखें ध्यान
बैंक किसी संपत्ति की कीमत का जितना फीसदी लोन के रूप में देते हैं, उसे LTV रेश्यो कहते हैं। वहीं जितना फीसदी बचता है, उसे डाउन पेमेंट या मार्जिन कहा जाता है। कई बार क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी ना होने की स्थिति में उन्हें एलटीवी रेश्यो ऑफर किया जाता है। आरबीआई ने 31 मार्च 2021 तक कर्ज और सोने की मूल्य का अनुपात (एलटीवी) बढ़ा दिया है। एलटीवी बढ़ाने का मतलब है कि ग्राहक अपने सोने की कीमत का 90 फीसदी तक कर्ज बैंक या वित्तीय संस्थान से ले सकेंगे। पहले यह सीमा 75 फीसदी थी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें