भारत सरकार अपने शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी के रेगुलेशन को लेकर बिल लाने जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार द्वारा प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को बैन किया जा सकता है। हालांकि इस बात को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है। कोरोना काल के बाद भारत में क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टिंग को लेकर क्रेज काफी बढ़ा है। बीते एक साल के डाटा को देखें तो क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट में भारत के निवेशकों की संख्या में एक एक्सपोनेंशियल ग्रोथ देखने को मिली है। ऐसे में निवेश के इस नए मंच को लेकर विश्व भर में कई सवाल खड़े हुए हैं। कई लोग इसे जुआ बता रहे हैं, तो कई इसे भविष्य की मुद्रा। हालांकि इसको लेकर लोगों के अपने तर्क और अपने जवाब हैं। क्रिप्टों में निवेश करना कितना जायज है और कितना नहीं इसे लेकर कई लोगों की अलग अलग राय है। कई विशेषज्ञों द्वारा क्रिप्टो निवेश को काफी खतरनाक बताया जा रहा है। आज हम इसी के बारे में जानेंगे।