फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काम की बात: क्या होता है 'सम एश्योर्ड' और 'सम इंश्योर्ड' का मतलब? इंश्योरेंस खरीदने से पहले जान लें

Wed, 17 Nov 2021 03:19 PM IST
सोनू शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
एक समय था जब इंश्योरेंस यानी बीमा के बारे में ज्यादातर लोग जानते तक नहीं थे कि ये होता क्या है, लेकिन आज के समय में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह भविष्य में किसी नुकसान की आशंका से निपटने का सबसे प्रभावी हथियार बन गया है। दरअसल, इंसान को तो पता नहीं होता कि उसके साथ कल क्या होगा, इसलिए लोग बीमा पॉलिसी के जरिये भविष्य में होने वाले नुकसान की भरपाई करने की कोशिश करते हैं। इंश्योरेंस के मामले में अक्सर दो टर्म का इस्तेमाल खूब होता है, 'सम एश्योर्ड' और 'सम इंश्योर्ड'। आपने भी इनके बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप दोनों में अंतर जानते हैं? बहुत से लोग इन दोनों टर्म को एक ही समझने की गलती कर बैठते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। ये दोनों टर्म सुनने में भले ही एक जैसे लगें, लेकिन दोनों के अर्थ में काफी अंतर होता है। आइए जानते हैं इनके बारे में... 
विज्ञापन

2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सम एश्योर्ड की अगर बात करें तो इसका मतलब होता है बीमित राशि, यानी यह आपको होने वाले लाभ के बारे में बताता है, जबकि सम इंश्योर्ड का मतलब होता है बीमाकृत राशि, यानी यह बीमाकृत नुकसान की क्षतिपूर्ति से जुड़ा होता है। 
विज्ञापन

3 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सम एश्योर्ड आमतौर पर लाइफ इंश्योरेंस यानी जीवन बीमा से जुड़ा होता है और मैच्योरिटी बेनिफिट वाला होता है। यह एक तरह से गारंटी वाली राशि होती है, जो पॉलिसीधारक को मिलती ही है। इसे कवरेज राशि के तौर पर भी जाना जाता है। सम एश्योर्ड ही वह कुल राशि होती है, जिसके लिए व्यक्ति पॉलिसी लेता है। 
विज्ञापन

4 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
वहीं सम इंश्योर्ड की अगर बात करें तो यह क्षतिपूर्ति से जुड़ा होता है, यानी इसमें इंश्योरेंस लेने वाले व्यक्ति को हुए नुकसान को कवर किया जाता है। मान लीजिए कि अगर किसी व्यक्ति ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में एक लाख रुपये का सम इंश्योर्ड मिला हुआ है तो इसका मतलब यह है कि अगर वह व्यक्ति बीमार होकर अस्पताल में भर्ती होता है तो उसके अस्पताल के एक लाख रुपये तक का खर्च इंश्योरेंस कंपनी उठाएगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें