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गौमूत्र और गोबर पर टिकी है इस गांव की जीवनरेखा

Fri, 30 Sep 2016 01:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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- फोटो : dailymail
हमारे देश में लोग गाय के गोबर और मूत्र का इस्तेमाल पूजा पाठ से लेकर घर की लिपाई पुताई में भी करते हैं। लेकिन एक जनजाति ऐसी भी है जहां रोजाना सबसे पहले हर व्यक्ति गाय के मूत्र से नहाता है। यही नहीं बीमारियों से बचने के लिए ये गोबर का लेप अपने शरीर पर लगाते हैं।
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अफ्रीका के साउथ सूडान में रहने वाली  'मुदांरी' जनजाति अपने अनोखे रहन सहन की वजह से दुनिया भर में मशहूर है। इन लोगों की जीवनरेखा पूरी तरह से पशुओं पर टिकी हुई है।
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ये जानकर आप चौंक जाएंगे कि ये लोग भीषण गर्मी से शरीर को बचाने के लिए रोजाना गौमूत्र से नहाते हैं।

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यही नहीं मच्छरों से बचने के लिए ये लोग गोबर के कंडे की राख को शरीर पर लगाते हैं। गाय से मिलने वाली किसी भी चीज को ये बर्बाद नहीं करते।
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गाय और भैंस यहां के लोगों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा माध्यम भी है। यहां तक कि शादी-ब्याह में दहेज के रूप में भी गाय को ही दिया जाता है।
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यहां के लोग रात को अपनी गायों के साथ ही सोते हैं। यहां तक कि बंदूकों से गाय की रखवाली भी करते हैं।
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