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आखिर भारत में मौजूदा संसद भवन के होते हुए क्यों जरूरी है नया भवन?

Sat, 12 Dec 2020 06:30 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नए संसद भवन की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
भारत को साल 2022 में मिलने वाले नए संसद भवन के लिए 10 दिसंबर को शिलान्यास और भूमि पूजन किया। करोड़ों की लागत से तैयार होने वाले इस भवन को वास्तु के अलावा हर लिहाज से सुंदर बनाने की कोशिश की गई है। हालांकि, इस नए संसद को लेकर हर किसी के जहन में सवाल ये उठ रहा है कि आखिर हमारे देश संसद के लिए आजादी से भी पहले की एक भव्य इमारत है, तो नया भवन क्यों जरूरी है? इस नए भवन के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये क्यों खर्च किए जा रहे हैं। तो आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह...
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नए संसद भवन की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI
नए संसद भवन का शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो बातें कहीं वो पिछले कई सालों से सांसद लगातार उठाते आ रहे थे। सांसदों का कहना था कि बदलते समय के साथ में उनकी जरूरतों के हिसाब से मौजूदा संसद भवन में व्यवस्थाएं नहीं है। लिहाजा उनकी जरूरत के हिसाब से वह व्यवस्था की जाए, लेकिन मौजूदा संसद भवन परिसर में ऐसा करना मुमकिन नहीं था। प्रधानमंत्री ने जो बात कही उसका अंदाजा कर्नाटक से बीजेपी की महिला सांसद सुमनलता के इस बयान से भी लगाया जा सकता है, जिसमें उन्होंने महिला सांसदों को मौजूदा संसद भवन में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया था।
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नए संसद भवन की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि मौजूदा संसद भवन में अभी तक सांसदों के कार्यालय भी मौजूद नहीं थे। सांसद पिछले काफी समय से ये मांग कर रहे थे कि उनको संसद भवन परिसर में ही कार्यालय मिलना चाहिए जिससे कि वह अपने कामकाज को सहजता के साथ बेहतर ढंग से कर सकें। साथ ही भविष्य की जरूरतों को देखते हुए साल 2029 का लोकसभा चुनाव से पहले देश में डीलिमिटेशन भी हो सकता है। अगर डीलिमिटेशन होता है, तो सांसदों की संख्या मौजूदा 545 से बढ़कर 700 से ज्यादा हो जाएगी। लेकिन मौजूदा लोकसभा में अधिकतम 545 सांसद ही बैठ सकते हैं। ऐसे में नया भवन बहुत जरूरी है।

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नए संसद भवन की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
देश में तैयार हो रहे नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। संयुक्त सत्र के दौरान इसमें 1224 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसी प्रकार, राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। देश के कोने-कोने से आए दस्तकार और शिल्पकार अपनी कला और योगदान के माध्यम से इस भवन में सांस्कृतिक विविधता का समावेश करेंगे। नया संसद भवन अत्याधुनिक, तकनीकी सुविधाओं से युक्त और ऊर्जा कुशल होगा।
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नए संसद भवन की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
वर्तमान संसद भवन एक वृहद वृत्ताकार भवन है जिसका व्यास 560 फीट है। इस भवन का निर्माण प्रसिद्ध वास्तुकार सर एडविन लुटियंस और सर हरबर्ट बेकर की निगरानी में किया गया था। इसकी आधारशिला 12 फरवरी 1921 को द ड्यूक ऑफ कनॉट ने रखी थी। भवन का उद्घाटन भारत के तत्कालीन वायसरॉय लॉर्ड इर्विन ने 18 जनवरी 1927 को किया था।
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