Mahatma gandhi death
गांधीजी की हत्या के जुर्म में नाथूराम गोडसे को पकड़ लिया गया और अदालत में पेश किया गया। न्यायाधीश आत्मचरण की अदालत ने गोडसे को फांसी की सजा सुनाई। गोडसे ने भी अदालत में ये स्वीकार किया कि उन्होंने ही गांधीजी को मारा है। अपना पक्ष रखते हुए गोडसे ने अदालत को बताया कि गांधीजी ने जो देश की सेवा की है, उसका मैं आदर करता हूं और इसीलिए उनपर गोली चलाने से पहले मैं उनके सम्मान में झुका भी था, लेकिन चूंकि उन्होंने अखंड भारत के दो टुकड़े कराए, इसीलिए मैंने गांधीजी को गोली मारी।