इसके बनने के पीछे एक वाक्या भी है। बताते चलें कि साल 1530 में यहां पर काफी भयानक बाढ़ आई थी, जिसमें यह शहर पूरी तरह से तबाह हो गया था। जिसके बाद यहां पर मिट्टी से बनी हुई बड़ी-बड़ी इमारतें बनाईं गईं। यहां ऐसी तकरीबन संख्या 500 से ज्यादा इमारतें हैं। इनमें कुछ पांच मंजिला हैं, तो कुछ 11 मंजिला तक ऊंची है।