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रविवार को ही क्यों मनाई जाती है छुट्टी, कभी सोचा है..?

Fri, 23 Feb 2018 08:50 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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भारत में रविवार का दिन किसे पसंद नहीं है। सब लोग बड़ी ही बेसब्री से पूरे सप्ताह सिर्फ इसी दिन का इंतजार करते हैं, चाहे कार्यालय अधिकारी हो या स्कूल के बच्चे हर कोई इस एक दिन का इंतजार करता है। इसलिए रविवार का दिन भारत के लोगों के लिए बहुत अहम माना जाता है। लेकिन हम में से कम ही लोग यह बात जानते होंगे कि आखिर क्यों रविवार को ही छुट्टी का दिन तय हुआ और कब? आइए आज हम आपको इस इतिहास से रूबरू कराएंगे...

 
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आज रविवार की छुट्टी लगभग सभी देशों में मनाई जाती है। लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां रविवार की छुट्टी नहीं मनाई जाती है। इस एक दिन हर इंसान चाहता है कि वह यह पल अपने परिवार संग बिताए। रविवार को एक स्पेशल उमंग लोगों के दिल-ओ-दिमाग में होती है। इसलिए लोगों के चेहरों पर अलग ही चमक देखने को मिलती है। व्यक्ति अपने सारे दुख भूलाकर इस दिन का मजा लेता है।  
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बता दें रविवार की छुट्टी के पीछे कई लोगों का बहुत बड़ा संघर्ष रहा है। आज हम रविवार के दिन छुट्टी मनाते हैं तो उसका पूरा श्रेय नारायण मेघाजी लोखंडे को जाता है। क्योंकि उन्होंने ही सबसे पहले छुट्टी को लेकर लड़ाई लड़ी थी।

यह बात है उस दौर की जब भारत पर अंग्रेजो का शासन हुआ करता था। उस समय मजदूरों को सप्ताह के सातों दिन काम करना पड़ता था। इस वजह से कोई भी मजदूर अपने परिवार के साथ ज्यादा समय नहीं बिता पाता था। न ही मजदूर अपने शरीर को आराम दे पाते थे।

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ब्रिटिश शासन के समय मजदूरों के नेता रहे नारायण मेघाजी लोखंडे ने ब्रिटिश सरकार के सामने यह समस्या रखी और सप्ताह के एक दिन छुट्टी रखने का निवेदन किया।

लेकिन ब्रिटिश हुकूमत ने नारायण मेघाजी लोखंडे के इस निवेदन को ठुकरा दिया। उनका यह फैसला नारायण मेघाजी लोखंडे को पसंद नहीं आया और उन्होंने मजदूरों के साथ मिलकर इसका खूब विरोध किया।
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नारायण मेघाजी लोखंडे और मजदूरों का संघर्ष आखिरकार 7 साल बाद रंग लाया और ब्रिटिश सरकार ने 10 जून 1890 को आदेश जारी किया। इस आदेश के जारी होने के बाद सप्ताह के किसी एक दिन यानी रविवार को छुट्टी होने का निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही हर दिन दोपहर को आधे घंटे की छुट्टी का आदेश जारी हुआ। धीरे-धीरे इस दिन छुट्टी के नीयमों में बदलाव आए।और फिर पूरे दिन के लिए ही छुट्टी रखने की व्यवस्था लागू की गई। इसलिए रविवार सरकारी छुट्टी के दिनों में गिना जाता है। 
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