मई महीने की तपती चुभर्ती गर्मी से जहां लोग बेहाल हैं, वहां एक बुजुर्ग ऐसे हैं जो अलाव सेक रहे हैं। कंबल या रजाई ओढ़कर सोते हैं। ये बहुत अजीबोगरीब शख्स है, जिसके बारे में जानकर यकीं नहीं कर पाएंगे। डॉक्टर्स भी हैरान हैं, वे समझ ही नहीं पा रहे कि ऐसा हो कैसे सकता है।
विज्ञापन
2 of 8
अजीबोगरीब शख्स संतलाल
हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव डेरोली अहीर का रहने वाला संतलाल सभी के लिए पहले बना हुआ है। क्योंकि इस शख्स को गर्मी में सर्दी लगती है और सर्दी में गर्मी लगती है। यह शख्स तपती गर्मी में कंबल ओढ़े रहता है और अलाव सेकता है। वहीं भरी सर्दी में वह आइसक्रीम खाता है। अपने शरीर को देखकर यह शख्स खुद भी चौंक जाता है। वहीं गांव वाले कहते हैं कि हम संत राम को बचपन से देखते आ रहे हैं और जैसा वह कह रहा है, वैसा ही है।
विज्ञापन
3 of 8
अजीबोगरीब शख्स संतलाल
संतलाल खुद बताते हैं कि गर्मी में अगर रजाई और अलाव न मिले तो बुजुर्ग को नींद नहीं आती और कंपकंपी चढ़ी रहती है। ज्येष्ठ माह में जब लोग लू से बचने के लिए एसी, कूलर व पंखों का इस्तेमाल करते है। उस वक्त संतलाल को दिन में चलने वाली लू सोने पर सुहागे का काम करती हैं। कंबल और रजाई ओढ़ कर सोना पड़ता है। दिन में 10 बजने के बाद अलाव का सहारा लेना पड़ता है।
4 of 8
अजीबोगरीब शख्स संतलाल
संतलाल बताते हैं कि उनका शरीर मौसम के विपरीत काम करता है। सर्दी के मौसम में अगर वह दिन में बर्फ न खाएं तो उनको चैन नहीं आता। भरी सर्दी के मौसम में जोहड़ या नहर में दिन में कम से कम तीन बार नहाना पड़ता है। घर पर बर्फ की सिल्ली पर सोता हूं, बर्फ खाता हूं। यह सब संतलाल की आम दिनचर्या है और अब तो घरवालों को भी यह सब आम लगने लगा है।
विज्ञापन
5 of 8
अजीबोगरीब शख्स संतलाल
कहते हैं कि जिस तरह नशा करने वाले को नशीली वस्तु जब तक ना मिले, तब तक वह तड़पता है। ठीक उसी तरह अगर इस बुजुर्ग को गर्मी में आग और सर्दी में बर्फ समय पर ना मिले तो समझो शरीर व दिमाग में हड़बड़ाहट शुरू हो जाती है। वह आजतक बीमार नहीं हुआ। सिर्फ सादा खाना दाल-रोटी ही रोजाना का भोजन है। वर्ष 1976-77 में मैट्रिक पास की। 21 साल की उम्र में शादी हुई। लोग अब इस बुजुर्ग को ‘मौसम विभाग’ के नाम से पुकारते हैं।
विज्ञापन
6 of 8
अजीबोगरीब शख्स संतलाल
क्या कहते है डिप्टी सीएमओ
संतलाल के बारे में डिप्टी सीएमओ डा. अशोक कुमार का कहना है कि सर्दी और गर्मी का अहसास हमारे दिमाग में स्थित थर्मोरेगुलेटरी प्वाइंट से होता है। इस थर्मोरेगुलेटरी प्वाइंट को थैलेमस व हाईपो थैलेमस कंट्रोल करते है। इससे संबंधित कोई बीमारी होने पर ही मनुष्य को इस तरह का अहसास होता है। वैसे मैंने अपने जीवन में इस तरह का केस नहीं देखा है। मेडिकल कॉलेज स्तर पर यह एक शोध का विषय है।
विज्ञापन
7 of 8
अजीबोगरीब शख्स संतलाल
बता दें कि ‘अमर उजाला’ ने 28 दिसंबर 2015 को ‘कंपकंपाती ठंड में बर्फ की सिल्ली पर सोते हैं मौसम विभाग’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। अमर उजाला डॉट कॉम पर यह खबर लगते ही चमत्कारी ‘संत लाल’ की चर्चा लंदन की गलियों तक पहुंची।
खबर को अमर उजाला डॉट काम पर ब्रिटिश न्यूज एजेंसी के लिए दिल्ली में काम करने वाली तानिया ने पढ़ा। जो ब्रिटिश न्यूज एजेंसी लंदन स्थित एशिया न्यूज न्यूजपेपर के लिए काम करती है। खबर पढ़ने के बाद तानिया ने एंजेसी को मामले से अवगत करवाया। एजेंसी से निर्देश मिलने के बाद एक टीम नई दिल्ली से महेंद्रगढ़ जिले के गांव डेरोली अहीर के लिए रवाना हुई। टीम में रिपोर्टर तानिया के साथ फोटोग्राफर तनवीर और असिस्टेंट सारिख शामिल थे। टीम ने संतलाल को दो घंटे बर्फ पर लेटाकर फिल्म भी तैयार की।