अल्बर्ट आइंस्टीन के सापेक्षतावाद के सिद्धांत ने ब्रह्मांड, समय और अस्तित्व को लेकर हमें एक नई समझ दी। इस सिद्धांत के माध्यम से उन्होंने बताया कि कैसे इस थ्री डाइमेंशनल दुनिया में एक आयाम समय का भी है, जिससे हम अब तक अनभिज्ञ थे। आइंस्टीन के सापेक्षतावाद के सिद्धांत ने गणितीय आधार पर समय यात्रा की जाने की पुष्टि की। उनके इसी सिद्धांत को आधार बनाकर भविष्य में कई शानदार खोजों को भी अंजाम दिया गया। इसके अलावा इंटरस्टीलर, बैक टू द फ्यूचर जैसी हॉलीवुड की कई ब्लॉकबस्टर फिल्में भी थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी को आधार बनाकर बनाई गईं। समय यात्रा लंबे समय से हमें रोमांचित करता आया है। ऐसे में इस विषय को लेकर हमारे बीच हमेशा से उत्सुकता बनी रही है। समय यात्रा की इसी पहेली को समझने और सुलझाने की कड़ी में आज हम आपको एक अनोखे टाइम ट्रेवल की घटना के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं -