साधु-संतों को लेकर आमतौर पर लोगों के दिमाग में जो पहली बात आती है, वो ये कि वो ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते हैं या अगर होते भी हैं तो उन्हें शायद संस्कृत और हिंदी का ज्ञान होता होगा, अंग्रेजी तो बिल्कुल नहीं जानते होंगे। लेकिन भारत में एक ऐसा अखाड़ा भी है, जहां के साधु-संत सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। वो जितनी अच्छी संस्कृत बोलते हैं, उतनी ही अच्छी वो अंग्रेजी भी बोलते हैं।