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Science News: कैसे हुआ था ग्रहों का निर्माण? जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने बड़े रहस्य से उठाया पर्दा

Fri, 10 Nov 2023 04:17 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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NASA scientists discover how planets were formed - फोटो : iStock
Science News: ब्रह्मांड में ग्रहों का निर्माण कैसे होता है? यह सवाल सभी के मन में होता है। एक बहुत ही जटिल लंबी और बहुत सारी प्रक्रियाओं के बाद ग्रहों का निर्माण होता है। ग्रहों के निर्माण में करोड़ों से अरबों साल का समय लग जाता है। वैज्ञानिक यह पता करने में लगे हैं कि ग्रहों का निर्माण कैसे हुआ था? समय-समय पर इसको लेकर कई सिद्धांत सामने आते हैं। हाल ही में नासा और ईसा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों को इस प्रक्रिया का खुलासा करने में सफलता मिली है। इसमें वाष्पकृत पानी के इस्तेमाल की भूमिका अहम है। 

इसमें शोधकर्ताओं को जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के अवलोकनों से काफी मदद मिली है। शोधकर्ताओं की तरफ से भाप वाली प्रोटोप्लैनेटरी डिस्क का अवलोकन किया गया। इससे वह उस भौतिक प्रक्रिया की पुष्टि कर सके, जिसमें बर्फ की परत वाले ठोस पदार्थ डिस्क यानी चक्रिका के बाहरी क्षेत्र के पथरीले ग्रह वाले इलाके शामिल होते हैं। 
 
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NASA scientists discover how planets were formed - फोटो : iStock
लंबे समय से अभी तक कई सिद्धांत यही बताते रहे हैं कि बाहरी प्रोटोप्लैनेटरी डिस्क की ठंड में ग्रह निर्माण की प्रक्रिया में बर्फीले कंकड़ का काम बीज की तरह होता है। माना जाता है कि धूमकेतुओं का भी उदय यहीं से हुआ है। 
 
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NASA scientists discover how planets were formed - फोटो : iStock
वैज्ञानिकों के सिद्धांत का प्रमुख अनुमान यह है कि जब गर्म क्षेत्र में बर्फीले कंकड़ पहुंचते हैं, तो भाप में बन जाते हैं। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने इसका अवलोकन किया है और बाहरी डिस्क के बर्फीले कंकड़ का आंतरिक डिस्क की भाप से सहसंबंध के बारे में भी पता चल पाया है। इस नतीजे से वेब के माध्यम से इस विषय की जांच की संभावनाएं खुल गई हैं। 

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NASA scientists discover how planets were formed - फोटो : iStock
वैज्ञानिकों ने चार नवजात तारों के विस्तृत डिस्क का अध्ययन किया है। यह सभी सूर्य जैसे तारों के आसपास स्थित थीं। इस अध्ययन के लिए उन्होंने वेब के मिड इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (एमआईआरआई) का इस्तेमाल किया है। यह सभी चारों तारें करीब 20 से 30 लाख साल पुराने हैं, जिन्हें खगोलीय समय के मुताबिक, नवजात कहा जा सकता है। 

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NASA scientists discover how planets were formed - फोटो : iStock
पानी या भाप की मात्रा में विविधता

वैज्ञानिकों ने वेब अवलोकनों से यह जानकारी हासिल की है कि क्या अधिक बर्फीले कंकड़ पहुंचने की वजह से सुगठित चक्रिकाओं के पथरीले ग्रह वाले इलकों में ज्यादा पानी मौजूद है। उनको पता है कि बड़ी डिस्क की तुलना में सुगठित डिस्क में अधिक पानी स्थित है। उनको पता चला है कि बड़े ग्रहों की इस प्रक्रिया में बाधक के तौर पर भूमिका है। हमारे सौरमंडल में ऐसे गुरु ग्रह ने किया होगा। 

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NASA scientists discover how planets were formed - फोटो : iStock
शुरू आए अजीब नतीजे

शोधकर्ताओं को जब आंकड़े मिले तो, उन्होंने नतीजे अजीबोगरीब लगे। उनका कहना है कि शुरुआती दो महीने वह इन शुरुआती नतीजों में उलझे रहे। इन नतीजों के मुताबिक, सुगठित चक्रिकाओं में ठंडा पानी था और बड़ी चक्रिकाओं में गर्म पानी था। इसका कोई अर्थ नहीं निकल रहा था, क्योंकि उन्होंने समान तापमान वाले तारों से ही अवलोकन के आंकड़े लिए थे। 
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