ग्लेशियर एक्सप्रेस
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बता दें कि ऊंची पहाड़ियों के बीच इस ट्रेन की शुरुआत साल 1930 में हुई थी। शुरुआती दिनों में ये ट्रेन केवल गर्मियों के मौसम में चलती थी, क्योंकि बर्फीली पहाड़ियों में कोई आता-जाता नहीं था। उस समय इस ट्रेन में पैंसेजर डिब्बे लगाए गए थे, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कत होती थी। ऊंची पहाड़ियों के बीच गुजरते हुए यात्रियों को टॉयलेट तक की सुविधा नहीं मिलती थी। हालांकि, समय के साथ-साथ इसमें कई तरह के सुधार किया गया।