फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस किले में आज भी मौजूद है 'चमत्कारी पारस पत्थर', लोहे को भी बना सकता है सोना

Mon, 20 May 2019 12:57 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
रायसेन किला में मौजूद है पारस पत्थर - फोटो : Social media
दुनिया में आज भी कई ऐसी चमत्कारी चीजें मौजूद हैं, जिनके बारे में लोगों ने किस्सों-कहानियों में सुना है। ऐसा ही एक चमत्कारी पत्थर है पारस पत्थर, जिसके बारे में आपने कई कहानियां सुनी होंगी, लेकिन आज तक इस पत्थर को कोई नहीं ढूंढ़ पाया है। आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि एक किले में इसके होने का दावा किया जाता है। यही वजह है कि हर साल किले में लोग खुदाई करने पहुंच जाते हैं। 
विज्ञापन

2 of 7
पारस पत्थर - फोटो : Social media
पारस पत्थर के बारे में कहा जाता है कि ये वो पत्थर है जिसे छूते ही लोहा भी सोना बन जाता है। माना जाता है कि भोपाल से 50 किलोमीटर दूर रायसेन के किले में यह पत्थर मौजूद है। कहा जाता है कि इस किले के राजा के पास पारस पत्थर मौजूद था। 
विज्ञापन

3 of 7
रायसेन किला - फोटो : Social media
कहा जाता है कि इस पत्थर के लिए कई बार युद्ध हुए, लेकिन जब इस किले के राजा को लगा कि वह युद्ध हार जाएंगे तो उन्होंने पारस पत्थर को किले में मौजूद तालाब के अंदर फेंक दिया। 

4 of 7
रायसेन किला - फोटो : Social media
राजा ने ये किसी को नहीं बताया कि पारस पत्थर को कहां छुपाया है। बाद में युद्ध के दौरान उनकी मृत्यु हो गई और देखते ही देखते ये किला भी वीरान हो गया। 
विज्ञापन

5 of 7
रायसेन किला - फोटो : Social media
कई राजाओं ने किले को खुदवाकर पारस पत्थर को खोजने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। आज भी लोग यहां रात के समय पारस पत्थर की तलाश में तांत्रिकों को अपने साथ लेकर जाते हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। 
विज्ञापन

6 of 7
पारस पत्थर - फोटो : Social media
इस किले और पारस पत्थर को लेकर ये कहानी भी प्रचलित है कि यहां पत्थर को ढूंढ़ने आने वाले कई लोग अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं, क्योंकि पारस पत्थर की रक्षा एक जिन्न करता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
रायसेन किला - फोटो : Social media
हालांकि, पुरातत्व विभाग को अब तक ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला है, जिससे पता चले कि पारस पत्थर इसी किले में मौजूद है, लेकिन कही सुनी कहानियों की वजह से लोग चोरी छिपे यहां पारस पत्थर की तलाश में पहुंचते हैं।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें