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मौलवी अहमदुल्लाह शाह फैजाबादी: जानिए उस क्रांतिकारी के बारे में, जिनके नाम पर बन रही है अयोध्या में मस्जिद

Mon, 07 Jun 2021 08:27 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मौलवी अहमदुल्लाह शाह फैजाबादी के नाम पर बनेगी अयोध्या में मस्जिद - फोटो : सोशल मीडिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा भूमि पूजन करने के बाद अयोध्या में अब भव्य राम मंदिर का काम शुरू हो चुका है। मंदिर का निर्माण कार्य काफी तेज गति से चल रहा है। आपको ये बात, तो जरूर पता होगी कि अयोध्या में राम मंदिर के अलावा एक मस्जिद का निर्माण होना है। मस्जिद निर्माण के लिए भी जगह पहले से सुनिश्चित हो गई है और वहां भी काम जल्दी से शुरू होने जा रहा है। अयोध्या के सोहावल तहसील के धनीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन में बनने वाली मस्जिद का डिजाइन एडवांस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और यह बिना किसी गुंबद के गोलाकार होगा। इसी बीच खबर ये आई है कि अयोध्या में बनने वाली मस्जिद को मुगल शासक बाबर को समर्पित नहीं किया जाएगा। इस मस्जिद का नाम प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी मौलवी अहमदुल्लाह शाह फैजाबादी के नाम पर रखा जाएगा, जिनकी मृत्यु 164 साल पहले हो गई थी।
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मस्जिद का मॉडल - फोटो : अमर उजाला
इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के मुताबिक, 1857 की क्रांति के बाद अवध को ब्रिटिश प्रभुत्व से मुक्त रखने के लिए फैजाबादी ने दो साल से अधिक समय तक 'स्वतंत्रता का प्रकाशस्तंभ' जलाया था। ऐसे में मस्जिद, संग्रहालय, अस्पताल और सामुदायिक रसोई समेत पूरी परियोजना को मौलवी अहमदुल्लाह शाह फैजाबादी को समर्पित करने का निर्णय लिया गया है।
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मस्जिद का मॉडल - फोटो : अमर उजाला
इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन के मुताबिक, इस मस्जिद में बनने वाले  संग्रहालय के जरिये ये दिखाया जाएगा कि भारत की आजादी की लड़ाई में हिंदू और मुस्लिम दोनों ने कदम से कदम मिलाकर काम किया था और सभी लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट होकर आजादी छीनी थी।

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मौलवी अहमदुल्लाह शाह फैजाबादी - फोटो : सोशल मीडिया
अतर हुसैन का मानना है कि हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के प्रतीक मौलवी अहमदुल्लाह शाह फैजाबादी को स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के 164 साल बाद उन्हें उनका हक मिलने जा रहा है।
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मस्जिद का मॉडल - फोटो : सोशल मीडिया
शोधकर्ता और इतिहासकार राम शंकर त्रिपाठी का कहना है कि वह भले ही मुसलमान थे लेकिन वह फैजाबाद की धार्मिक एकता और गंगा-जमुनी संस्कृति के भी प्रतीक थे। इतना ही नहीं 1857 के विद्रोह में, कानपुर के नाना साहिब, आरा के कुंवर सिंह जैसे लोग मौलवी अहमदुल्लाह शाह के साथ खड़े हुए और लड़े।
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मस्जिद का मॉडल - फोटो : सोशल मीडिया
आपको बता दें कि अयोध्या में बन रही इस मस्जिद के लिए विदेशी फंडिंग का रास्ता भी साफ हो गया है। मस्जिद को 80-G का सर्टिफिकेट मिल गया है। ये सर्टिफिकेट आयकर काननू का वो सेक्शन है, जो विदेशों से आर्थिक सहयोग देने वाले लोगों को आयकर में छूट प्रदान करता है।
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