मस्जिद का मॉडल
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इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के मुताबिक, 1857 की क्रांति के बाद अवध को ब्रिटिश प्रभुत्व से मुक्त रखने के लिए फैजाबादी ने दो साल से अधिक समय तक 'स्वतंत्रता का प्रकाशस्तंभ' जलाया था। ऐसे में मस्जिद, संग्रहालय, अस्पताल और सामुदायिक रसोई समेत पूरी परियोजना को मौलवी अहमदुल्लाह शाह फैजाबादी को समर्पित करने का निर्णय लिया गया है।