फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ज्ञान की बात: जानिए कैसे स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट बदलने वाला है स्पेस एक्सप्लोरेशन का स्वरूप

Thu, 23 Sep 2021 03:01 PM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
जानिए कैसे स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट बदलने वाला है स्पेस एक्सप्लोरेशन का स्वरूप - फोटो : SpaceX
ये दशक स्पेस एक्सप्लोरेशन के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। नासा और स्पेसएक्स जैसी बड़ी संस्थाएं अंतरिक्ष में कई बड़े मिशन्स भेजने के लिए अपनी कमर कस चुकी हैं। फिर चाहे बात आर्टेमिस मिशन की हो या मंगल की सतह पर पहले इंसान को उतारे जाने की। कहा जा रहा है कि ये दोनों ही बड़े मिशन्स इसी दशक में पूरे होंगे। ऐसे में आने वाले समय में स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट इन सब के बीच एक बड़ी भूमिका निभाने वाला है।

इन बड़े मिशन्स को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए अंतरिक्ष में भारी मात्रा में कार्गो को पहुंचना होगा, जो एक खर्चीला और चुनौतीपूर्ण कार्य है। यहीं पर स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट एक निर्णायक भूमिका निभाएगा। स्पेसएक्स की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक ये काफी शक्तिशाली रॉकेट है, जो भारी मात्रा में लॉजिस्टिक की सप्लाई मिशन्स के लिए करेगा। इसके अलावा मंगल से जुड़े अभियानों में ये रॉकेट मील का पत्थर साबित होने वाला है। इसी सिलसिले में आइए जानते हैं कि कैसे एलन मस्क का स्टारशिप प्रोजेक्ट स्पेस एक्सप्लोरेशन का स्वरूप बदलने वाला है?
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
जानिए कैसे स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट बदलने वाला है स्पेस एक्सप्लोरेशन का स्वरूप - फोटो : SpaceX
आपको बता दें कि आर्टेमिस या आने वाले मार्स मिशन में जो एस्ट्रोनॉट चांद या मंगल ग्रह पर जाएंगे, वो महज चंद घंटों का समय बिता कर वापिस पृथ्वी पर नहीं आने वाले हैं। एस्ट्रोनॉट लंबे समय तक वहां पर रुक कर चांद और मंगल ग्रह का अध्ययन करेंगे। ऐसे में उनको भारी मात्रा में कार्गो और लॉजिस्टिक की जरूरत पड़ेगी।
विज्ञापन

3 of 5
जानिए कैसे स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट बदलने वाला है स्पेस एक्सप्लोरेशन का स्वरूप - फोटो : SpaceX
यहीं पर स्टारशिप रॉकेट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ये विशालकाय रॉकेट भारी मात्रा में लॉजिस्टिक को चांद और मंगल ग्रह की लाल सतह पर पहुंचाने का काम करेगा। ये रॉकेट एक साथ करीब 100 मीट्रिक टन कार्गो को अपने साथ अंतरिक्ष में आसानी से ले जा सकता है। इसकी ऊंचाई 394 फीट है। इस रॉकेट का दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।

4 of 5
जानिए कैसे स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट बदलने वाला है स्पेस एक्सप्लोरेशन का स्वरूप - फोटो : SpaceX
साल 2024 में नासा के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस मिशन में इसकी बड़ी भूमिका रहने वाली है। वहीं एलन मस्क का कहना है कि वे इसी दशक से मंगल ग्रह पर मानव बस्तियां बसाने की शुरुआत कर देंगे। इन सब के दरमियान स्टारशिप मुख्य केंद्र में रहने वाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जानिए कैसे स्पेसएक्स का स्टारशिप प्रोजेक्ट बदलने वाला है स्पेस एक्सप्लोरेशन का स्वरूप - फोटो : SpaceX
पिछले कुछ सालों में स्टारशिप के ऊपर कई काम हुए हैं। इसी वजह से इसका नाम दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेटों में शुमार है। आने वाले वक्तों में इस रॉकेट के ऊपर भी कई काम होंगे। मार्स को कॉलोनाइज करने के लिए भारी मात्रा में कार्गो की जरूरत होगी, तो अंदाजा ये लगाया जा रहा है कि जल्द ही स्टारशिप का अपग्रेडेड वर्जन भी सामने आ सकता है, जिसमें करीब 37 रेप्टर इंजन लगे होंगे। आने वाले समय में कई बड़े मिशन्स जो स्पेस को एक्सप्लोर करने के लिए जाएंगे, उसमें स्टारशिप रॉकेट का अहम योगदान होगा। ऐसे में कहा जा सकता है कि एलन मस्क का महत्वाकांक्षी स्टारशिप प्रोजेक्ट भविष्य में स्पेस एक्सप्लोरेशन का स्वरूप बदलने वाला है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें