दुनियाभर में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं, ग्लोबल वार्मिंग के कारण समुद्र का बढ़ता जलस्तर, वायरस जैसे जैविक युद्ध और परमाणु युद्ध का खतरा आदि उस विनाश का संकेत दे रहे हैं कि एक ना एक दिन इस धरती का अंत होना तय है। कल्पना कीजिए अगर ऐसा हो गया, तो आगे क्या होगा? क्या इंसानी नस्ल इस विनाश से बच पाएगी? अगर मानव बच भी गए, तो उनका गुजारा कैसे होगा? इन सभी सवालों का जवाब हासिल करने के लिए वैज्ञानिकों ने 'डूम्स डे' की थ्योरी दी थी। इसके बाद 'डूम्स डे क्लॉक', 'डूम्स डे वॉल्ट' पर तेजी से काम हुआ।
हालांकि, इस बात का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि दुनिया खत्म होगी या नहीं। लेकिन इस रोचक विषय को लेकर नासा का शोध जारी है। द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नासा के द्वारा शुरू किया गया एक नया मिशन दुनिया के सबसे महत्वूपर्ण सवाल का जवाब ढूंढने में मदद कर सकता है।