चाबहार बंदरगाह
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चाबहार बंदरगाह के इतिहास की बात करें, तो इसका जिक्र अलबरूनी की किताब तारीख-ए-अल-हिंद में भी मिलता है। हालांकि, इस किताब में बंदरगाह का जिक्र तिस के नाम से किया है, जो बाद में तिज बन गया। एलेक्जेंडर ने भी भी इस तिज को पार किया था। साल 1970 में यह बंदरगाह आधुनिक चाबहार के रूप में दुनिया के सामने आया था और 1980 के ईरान इराक युद्ध में काफी अहम बन गया था।