पृथ्वी की है हार्टबीट और एक नब्ज
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जानिए कब आएगी प्रलय
माइकल का कहना है कि आकड़ों के मुताबिक, यह एक सामान्य भूगर्भीय प्रक्रिया है जो अचानक घटती है। कई भूगर्भीय हलचलों का आपस में एक संबंध होता है। जब सारे क्रम एक साथ जुड़ते हैं, तब उस समय धरती का दिल धड़कता है। यह उसी तरह है जैसे किसी इंसान की सांस अटक जाए और वह हाथ-पैर मारने लगे। ठीक वैसे ही धरती की भी धड़कन अटकी हैं जैसे ही एक बार पूरी होगी। भारी तबाही के बाद सबकुछ सही हो जाएगा।