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Diamond Rain: इन दो ग्रहों पर हीरों की होती है बारिश, जानिए क्या है इसके पीछे का रहस्य

Thu, 13 Jan 2022 05:00 PM IST
राजेश मिश्रा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इस ग्रह पर होती है हीरों की बारिश - फोटो : Pixabey
आसमान से जब बारिश होती है तो ओले, पत्थर और मछलियों तक की बरसात होती है। मगर, कुछ ऐसे ग्रह भी हैं जहां इन सब चीजों की तो नहीं, लेकिन हीरों की बरसात होती है। जी हां! हमारे सौरमंडल में आठ ग्रह हैं, लेकिन हम कुछ ही ग्रहों के बारे में जानते हैं। इन ग्रहों में मंगल, बृहस्पति, शनि, बुध और शुक्र के बारे में ही ज्यादा जानते हैं। वहीं कुछ ऐसे ग्रह होते हैं जिनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं। अगर हम इन ग्रहों के बारे में जानेंगे तो ये दूसरे ग्रहों से काफी अलग और खास हैं। इन ग्रहों पर जो मौसम है वो भी बाकी ग्रहों से अलग होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां बारिश भी हीरों की होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इन ग्रहों के अंदरूनी हिस्सों में वातावरणीय दबाव काफी अधिक है। ये ग्रह नेपच्यून और यूरेनस हैं। नेपच्यून पृथ्वी से 15 गुना बड़ा है और यूरेनस, पृथ्वी से 17 गुना बड़ा है। 
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इस ग्रह पर होती है हीरों की बारिश - फोटो : Pixabey
क्यों होती है हीरों की बारिश
 
इन ग्रहों पर हीरों की बारिश होने की वजह बेहद चौकाने वाली है। यूरेनस और नेपच्यून ग्रह पर मीथेन गैस है। इन गैसों में हाइड्रोजन और कार्बन होते हैं, जिनका रासायनिक नाम CH₄ होता है। जिस तरह से पृथ्वी पर वायुमंडलीय दबाव होता है और उसके कारण पानी भांप बन जाता है और फिर बारिश का रूप लेकर धरती पर बरसता है।
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इस ग्रह पर होती है हीरों की बारिश - फोटो : Pixabey
यही प्रक्रिया नेपच्यून और यूरेनस ग्रहों पर भी देखने को मिलती है। जब मीथेन पर दबाव बनता है तो हाइड्रोजन और कार्बन के बॉन्ड टूट जाते हैं। इसके बाद कार्बन हीरे में बदल जाते हैं और इसीलिए यहां हीरों की बारिश होती है। ये ग्रह धरती से सबसे अधिक दूरी पर हैं। यहां तापमान शून्य से 200 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहता है। 

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इस ग्रह पर होती है हीरों की बारिश - फोटो : Pixabey
इन ग्रहों पर मीथेन गैस बर्फ की तरह जमी रहती हैं और जब हवा चलती है तो बादलों की तरह उड़ती रहती है। यहां की सतह पूरी तरह से समतल है और हवाएं सुपरसोनिक गति से चलती है जिनकी रफ्तार 1500 मील/घंटे होती है। 

 
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इस ग्रह पर होती है हीरों की बारिश - फोटो : Pixabey
यहां के वायुमंडल में संघनित कार्बन है जिसके कारण यहां हीरे की बारिश होती है। सबसे हैरानी करने वाली बात है कि यहां के हीरे किसी को नहीं मिल सकते हैं, क्योंकि यहां ठंड बहुत पड़ती है जिससे बच पाना मुश्किल होता है उससे भी मुश्किल है यहां पहुंचना।
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