Day-Night in Space: भारत ने चंद्रमा पर चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक लैंडिंग कराकर इतिहास रच दिया। भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया है। इसके साथ ही चंद्रमा पर कदम रखने वाला अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन गया है। अब चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत गगनयान-3 की तैयारी में जुटा है। अंतरिक्ष में इंसान को भेजने की भारत तैयारी कर रहा है। इसके लिए भारत के वैज्ञानिक अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा में ट्रेनिंग ले रहे हैं।
इेंटरनेशनल स्पेस सेंटर(आईएसएस) में रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। सूर्य के चारों ओर धरती अंडाकार कक्षा में घूमती रहती है। इसके साथ ही अपनी धूरी पर भी तेजी से घूमती रहती है। इस दौरान सूर्य के सामने जो भाग होता है, वहां दिन होता है, छिपे स्थान पर रात का समय रहता है। अपनी धुरी पर धरती करीब 1670 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से घूमती है। धरती को अपनी धूरी पर एक चक्कर लगाने में 24 घंटे लगते हैं। यह हमारा एक दिन होता है, जिसमें लगभग 12 घंटे सूर्य का प्रकाश और 12 घंटे अंधकार होता है।