सूरज के इतना करीब जाएगा 'आदित्य एल-1', ग्रहण भी नहीं रोक पाएगा रास्ता

अमर उजाला

Fri, 1 September 2023

Image Credit : Isro
चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो शनिवार को सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य एल-1 मिशन लॉन्च करने जा रहा है
 
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इसरो ने बताया है कि आदित्य एल-1 (Aditya L1) सूर्य का अध्ययन करने वाला भारत का पहला अंतरिक्ष मिशन है
 
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इस अंतरिक्ष यान के साथ कुल 7 पेलोड्स जाएंगे, जो फोटोस्फीयर, क्रोमोस्फीयर और सूर्य के सबसे बाहरी परत (कोरोना) के बारे में अध्ययन करेंगे
 
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इसरो अंतरिक्ष यान को सूर्य-धरती प्रणाली के लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में रखेगा 
 
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लैग्रेंज प्वाइंट अंतरिक्ष में वह स्थान हैं, जहां पर किसी छोटे पिंड को रखा जाए तो वह वहीं ठहर जाता है 
 
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इसरो के मुताबिक आदित्य एल-1 को लैग्रेंज प्वाइंट L1 की कक्षा (Halo Point) में रखने का सबसे बड़ा फायदा है कि इस प्वाइंट से सूर्य को बिना किसी रोकटोक या बाधा के देखा जा सकता है
 
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लैग्रेंज प्वाइंट L1 की कक्षा में रखने से ग्रहण भी आदित्य एल-1 का रास्ता नहीं रोक पाएंगे
 
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अंतरिक्ष में आदित्य एल-1 जिस स्थान पर जाएगा वो धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर है और धरती से सूर्य की दूरी करीब 150 मिलियन(15 करोड़) किलोमीटर है 
 
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सूरज और धरती के बीच में यह प्वाइंट स्थित होता है। सूरज से धरती की दूरी की तुलना में सिर्फ एक प्रतिशत है
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