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अजब-गजब: छोटे बच्चे की जगह स्कूल जाता है 'अवतार', नहीं छोड़ता है कोई भी क्लास

Tue, 18 Jan 2022 02:55 PM IST
राजेश मिश्रा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों की जगह रोबोट करेंगे स्कूलों में पढ़ाई - फोटो : pexels
तकनीक का विकास होने की वजह से इंसान का जीवन उतना ही आसान हुआ है। मुश्किल से मुश्किल काम चुटकी बजाते ही हो जाते हैं। आजकल आपके स्मार्टफोन पर ही हर चीज का कंट्रोल और एक्ससिस होता है। तकनीक इतनी विकसित हो चुकी है कि अगर आप कहीं दूर भी बैठे हैं तो आप अपने घर की लाइट्स को बंद और चालू कर सकते हैं। ये तो महज एक उदाहरण है ऐसे अनेकों काम आप बैठे-बैठे कर सकते हैं। अब जमाना धीरे-धीरे रोबोटिक होता जा रहा है। हमारे ढेर सारे काम रोबोट्स करने लगे हैं। हमने होटल में खाना परोसने से लेकर हॉस्पिटल में मरीज का इलाज करते हुए रोबोट्स तो देखें है। मगर, अब स्कूलों में भी रोबोट्स की एंट्री हो चुकी है। ये रोबोट्स बच्चों की जगह उनकी क्लास लेते हुए दिखाई देंगे। आइए जानते हैं कि स्कूलों में रोबोट्स की एंट्री कहां हो चुकी है......
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बच्चों की जगह रोबोट करेंगे स्कूलों में पढ़ाई - फोटो : iStock
जर्मनी में रोबोट्स अब स्कूलों में भी एंट्री कर चुके हैं। ये रोबोट अब बच्चों की जगह क्लास लेते हुए दिखाई देंगे। 7 साल के जर्मन लड़के जोशुआ मार्टिनांगेली की जगह अवतार नाम का रोबोट स्कूल जाता है। ये जोशुआ की तरह स्कूल जाता है और होमवर्क भी करता है। ये रोबोट टीचर और जोशुआ के दोस्तों से भी बात चीत करता है। ये रोबोट जोशुआ की जगह स्कूल इसलिए जाता है, क्योंकि जोशुआ एक खतरनाक बीमारी के चलते स्कूल नहीं जा सकता है।
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बच्चों की जगह रोबोट करेंगे स्कूलों में पढ़ाई - फोटो : Pexels
जोशुआ के लिए स्कूल आने में हो रही दिक्कतों को देखते हुए बर्लिन के स्थानीय निकाय ने इस रोबोट की व्यवस्था की है। इस रोबोट पर आने वाला खर्च भी शहर की स्थानीय काउंसिल ही उठाती है। बर्लिन के एजुकेशन काउंसलर टॉर्स्टन कुएहने का कहना है कि " इस तरह का प्रोजेक्ट अनोखा है और हमने अपने स्कूलों के लिए 4 रोबोट्स खरीदे हुए हैं। इस तरह का प्रयोग हमने कोरोना महामारी के दौरान किया था जिससे बच्चों को स्कूल न आना पड़े और इनकी पढ़ाई भी होती रहे। 

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बच्चों की जगह रोबोट करेंगे स्कूलों में पढ़ाई - फोटो : Pexels
इस रोबोट के सिर में लगे कैमरे से सब कुछ देखा जा सकता है। जबकि इसे टचस्क्रीन टैब के जरिए रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है। इतना ही नहीं इसमें लगे स्पीकर के जरिए दूर बैठे बच्चे शिक्षकों से बात भी कर सकते हैं। रोबोट जोशुआ की जगह डेस्क पर बैठता है और जब जोशुआ को कुछ बोलना होता है तो रोबोट की आंखे ब्लिंक होने लगती हैं।
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बच्चों की जगह रोबोट करेंगे स्कूलों में पढ़ाई - फोटो : Pexels
गंभीर बीमारी से पीड़ित है जोशुआ
 
जोशुआ फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी से जोशुआ स्कूल नहीं जा सकता है, क्योंकि जोशुआ की गर्दन में एक ट्यूब लगी हुई है। जोशुआ के ठीक होने तक उसकी पढ़ाई बर्बाद न हो इसके लिए अवतार नाम का ये रोबोट जोशुआ की जगह स्कूल जाता है। स्कूल आने वाले दूसरे बच्चों को अवतार बहुत पसंद है, लेकिन वो जोशुआ की वापसी का भी इंतजार करते हैं। 
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