उमगा पहाड़ी की तलहट्टी में किया गया सीड बॉल्स का छिड़काव
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310 हेक्टेयर वन भूमि पर लगाए गए तीन लाख 45 हजार पौधे
वहीं, औरंगाबाद की वन प्रमंडल पदाधिकारी रुचि सिंह ने कहा कि औरंगाबाद वन प्रमंडल विभागीय वृक्षारोपण के तहत इस वर्ष 310 हेक्टेयर वन भूमि पर 3,45,000 पौधे विभिन्न योजनाओं के तहत लगाए गए हैं। इसके अलावा जीविका दीदियों के माध्यम से कुल 2,41,000 पौधे वितरित किए जा चुके हैं। विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं, विद्यालय, प्राइवेट सेक्टर यूनिट्स, एनजीओ एवं सरकारी विभागों के माध्यम से अब तक 68,000 पौधे लगाए गए हैं। इसमे छात्र, वक्फ बोर्ड, जंगल के पास बसे गांवों के लोगों की भी सहभागिता रही है। साथ ही कृषि वानिकी के माध्यम से किसानों के बीच अब तक 85,000 पौधे पूरे वन प्रमंडल में वितरित किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में तीन स्थलों पर मृदा एवं भू-जल संरक्षण कार्य के तहत 1000 हेक्टेयर में कार्य किया गया है। 500 हेक्टेयर कैचमेंट एरिया में गारलैंड ट्रेंच के माध्यम से जल संरक्षण का कार्य कराया गया है, जिससे अनेकों गांवों को सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था की गई है। इससे जंगली जानवरों को भी पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है और उन सभी क्षेत्रों में भू-जल स्तर में वृद्धि हुई है। कार्यक्रम में गया वन अंचल के वन संरक्षक एस सुधाकर, औरंगाबाद की वन प्रमंडल पदाधिकारी रूचि सिंह एवं भारत सरकार के एक उपक्रम के अधिकारीगण मौजूद रहे। इस अवसर पर एक स्थानीय प्राइवेट स्कूल के छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।