Royal Enfield एक मात्र ऐसी निर्माता कंपनी थी जो भारत में बड़े पैमाने पर बाइकों का निर्माण कर रही थी। हालांकि भारत में हमारे पास डीजल मोटरसाइकिल के दो मॉडल थे जिनमें एक Taurus और दूसरा Sooraj था। प्रदूषण को लेकर यह दोनों बाइक सवालों के घेरे में रहीं। इसके चलते ही इन दोनों बाइकों को बाजार से विदाई भी लेनी पड़ी। आप हैरान रह जाएंगे कि Taurus 70 तो Sooraj 86 किलोमीटर प्रतिलीटर का माइलेज देती थी। Sooraj के मुकाबले Taurus ज्यादा लोकप्रिय बाइक थी। Taurus बुलेट ने काफी लंबे समय तक सड़कों पर राज किया। आइए जानिए इन दोनों बाइक्स में क्या खासियत थी।
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Royal Enfield Taurus
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रॉयल एनफील्ड ने Taurus बुलेट को 1980 के दशक में भारतीय बाजार में लॉन्च किया था और इसे 2000 के दशक तक बेचा गया। बाद में कंपनी ने इस मॉडल को बंद कर दिया। आज यह बाइक देखने को भी नहीं मिलती है। बता दें कि यह सबसे लंबे समय तक बेची जाने वाली बाइक थी। इस बाइक में 325 सीसी की क्षमता वाला सिंगल सिलेंडर डीजल इंजन दिया गया था। Royal Enfield Taurus कंपनी की भारत में पहली और आखिरी डीजल मोटरसाइकिल थी। यह दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली डीजल मोटरसाइकिल थी। बता दें कि उस दौर में अन्य किसी बड़े ब्रांड ने इतने बड़े पैमाने पर डीजल मोटरसाइकिलों का उत्पादन करने का नहीं सोचा था जैसा कि रॉयल एनफील्ड ने करके दिखाया।
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Sooraj Bullet
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वहीं सोराज डीजल इंजन मोटरसाइकल को सहारनपुर स्थित सोराज ऑटोमोबाइल द्वारा बनाया गया। कंपनी ने अपने मॉडल के लिए रॉयल एनफील्ड गियरबॉक्स के साथ लोम्बार्दिनी 325 सीसी डीजल इंजन का उपयोग किया था। उस दौर में कंपनी ने 86 किलोमीटर प्रति लीटर के माइलेज का खूब प्रचार प्रसार करके अपने ब्रांड को बढ़ावा दिया। बता दें कि यह देश की पहली मोटरसाकिल थी जिसमें इलेक्ट्रिक स्टार्ट की सुविधा दी गई। हालांकि यह बैटरी पर निर्भर करता था कि वह कितनी अच्छी है। सोराज बाइक का वजन 200 किलोग्राम है।
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Royal Enfield Taurus
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Royal Enfield Taurus बुलेट का माइलेज भी शानदार था। आज के दौर में हम सिर्फ इतने माइलेज का सपना देख सकते हैं। रॉयल एनफील्ड उस दौर में 70 किलोमीटर प्रति लीटर के हिसाब से माइलेज देती थी। इसलिए इस बाइक को चाहने वालों की सूची बेहद लंबी थी। आज भी कुछ शौकीन लोगों ने इस बाइक को मॉडिफाइड किया हुआ है और इसका आनंद ले रहे हैं। Royal Enfield Taurus डीजल बुलेट में 325 सीसी का इंजन दिया गया था। जो कि 6.5 बीएचपी की पावर और 15 एनएम का टार्क जनरेट करता था। इसका इंजन 4-स्पीड गियरबॉक्स से लैस था। बुलेट का वजन 350 सीसी की पेट्रोल बुलेट के मुकाबले काफी ज्यादा था। इसका कुल वजन 196 किलो था जबकि पेट्रोल बुलेट का वजन 168 किलोग्राम था।
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Sooraj Bullet
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उस दौर में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली Sooraj को सबसे सुविधाजनक और आरामदायक कहा जाता था। सोरज कंपनी ने रॉयल एनफील्ड की तरह इटली के बहुत प्रसिद्ध और विश्वसनीय ग्रीव्स लोम्बार्दिनी डीजल इंजन का इस्तेमाल किया था। बता दें कि लोम्बार्दिनी ने 1980 से डीजल इंजन का निर्माण किया था। हालांकि इस बाइक को लोगों ने ज्यादा पंसद नहीं किया।
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Royal Enfield Taurus
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रॉयल एनफील्ड द्वारा जब इस बाइक का प्रोडक्शन बंद कर दिया गया था तो उसके बाद भी इसका उत्पादन होता रहा। बता दें कि पंजाब की ट्रैक्टर निर्माता कंपनी सोराज ट्रैक्टर्स ने बाइक में थोड़ा बहुत बदलाव कर इसका उत्पादन किया था। इसकी वजह यह थी कि लोग उस समय पर इस बाइक को बेहद पसंद करते थे। उस समय पर डीजल की कीमतें बहुत कम थीं। साथ ही इसका बेहतरीन माइलेज लोगों को अपनी ओर खींच रहा था। उस दौर में लोग इस बाइक के दीवाने थे। एक तो सस्ता डीजल ऊपर से इतना अच्छा माइलेज लोगों को काफी पसंद आ रहा था। हालांकि आज हम ऐसी किसी बाइक के बारे में सिर्फ सपने देख सकते हैं।
रॉयल एनफील्ड ने बाद में इस बुलेट को बनाना बंद कर दिया। इसकी एक वजह यह भी रही कि यह बाइक मानक पूरे नहीं कर पा रही थी। बुलेट का डीजल इंजन होने के कारण यह काफी मात्रा में काला धुआं निकालती थी। यानी यह बुलेट भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं कर सकी और इसे बंद कर दिया गया। बुलेट में कंपन की भी समस्या थी। कंपन इतना ज्यादा होता था कि बाइक सवार लोगों के कंधों के जोड़ों में दर्द होने लगता था। 196 किलोग्राम की इस बाइक की स्पीड 65 किलोमीटर प्रति घंटा थी।