Union Minister Nitin Gadkari inaugurates the vehicle scrapping unit jointly developed by Maruti Suzuki and Toyota in Noida
- फोटो : Twitter/@nitingadkari
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर भारत में कार निर्माताओं से प्रदूषण को कम करने और खरीदारों को नए वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए वाहन स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने का आग्रह किया है। सोमवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मंत्री ने कहा कि पुराने वाहन स्क्रैपिंग सभी हितधारकों के लिए एक जीत की स्थिति प्रदान करती है क्योंकि इससे नए वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने और पुराने वाहनों को रीसाइक्लिंग करने में मदद मिलेगी। केंद्र ने पहले वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए 15-20 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए एक व्यापक वाहन स्क्रैपिंग नीति लागू की थी।
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पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए भारत में अभी भी पर्याप्त संख्या में वाहन स्क्रैपिंग यूनिट्स नहीं हैं। मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स जैसे कार निर्माता पहले ही देश भर में अपनी वाहन स्क्रैपिंग यूनिट्स लॉन्च कर चुके हैं। गडकरी ने पहले कहा था कि कार निर्माताओं और डीलरों को प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ऐसी सुविधाएं स्थापित करने के लिए आगे आना चाहिए।
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Union Minister Nitin Gadkari inaugurates the vehicle scrapping unit jointly developed by Maruti Suzuki and Toyota in Noida
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गडकरी ने वाहन निर्माताओं से पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए ऐसी सुविधाएं स्थापित करने के लिए और अधिक निवेश लाने के साथ-साथ कार मालिकों को केंद्र की वाहन स्क्रैपिंग नीति के फायदों के बारे में जागरूक करने का आग्रह किया है। मंत्री ने कहा, "ऑटो उद्योग इस नीति का सबसे बड़ा लाभार्थी है, उन्हें आगे आना चाहिए और तीन मुख्य स्तंभों का समर्थन करना चाहिए।" उन्होंने कार निर्माताओं से देश भर में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने का भी आग्रह किया है।
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vehicle scrapping
- फोटो : सोशल मीडिया
केंद्रीय मंत्री ने पहले कहा था कि वाहन स्क्रैपिंग नीति से ऑटोमोबाइल की बिक्री 18 प्रतिशत बढ़ जाएगी। उनका मानना है कि कबाड़ हुए वाहनों से हासिल कच्चे माल का इस्तेमाल करने से कच्चे माल की खरीद पर 33 प्रतिशत लागत की बचत होगी और नए वाहनों की बिक्री में 18-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। साथ ही उनका मानना है कि यह नीति भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफेक्चरिंग हब (विनिर्माण केंद्र) बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
अगस्त 2021 में पहली बार पेश की गई वाहन स्क्रैपिंग नीति, वाहन प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए पूरे भारत में पुराने और अनफिट वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने पर केंद्रित है। क्योंकि पुराने वाहन नए मॉडलों की तुलना में पर्यावरण को ज्यादा प्रदूषित करने के लिए जाने जाते हैं। इस नीति का मकसद 20 वर्ष से ज्यादा पुरानी निजी कारों और 15 वर्ष से ज्यादा पुराने वाणिज्यिक वाहनों का पंजीकरण रद्द करना है।