Electric car EV charging battery at charger station
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भारत में बैटरी उत्पादन की स्थिति
फिलहाल भारत अपनी जरूरत की 100 प्रतिशत लिथियम-आयन सेल्स आयात करता है। हाल के कुछ वर्षों में देश में लिथियम के भंडार तो जरूर मिले हैं, लेकिन बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग अब भी अपने शुरुआती चरण पर है। हालांकि, अगले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आने वाला है। रिलायंस इंडस्ट्रीज गुजरात में एक गीगाफैक्ट्री बना रही है, जो 2030 तक 100 GWh उत्पादन क्षमता तक पहुंचना चाहती है। इसके अलावा, एक्साइड इंडस्ट्रीज भी 6 GWh की क्षमता वाली एक यूनिट बना रही है। और ओला इलेक्ट्रिक पहले ही अपने सिलिंड्रिकल सेल्स का उत्पादन शुरू कर चुकी है।
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