नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से, दिसंबर 2023 तक राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 60 प्रतिशत बढ़कर 1,46,145 किलोमीटर हो गई है, जो 2014 में 91,287 किलोमीटर थी। सड़क परिवहन और राजमार्ग सचिव अनुराग जैन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जैन ने कहा कि दिसंबर 2023 में चार लेन और उससे ऊपर के राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) की कुल लंबाई 2014 के 18,387 किलोमीटर से 2.5 गुना बढ़कर 46,179 किलोमीटर हो गई है।
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2014 में कुल हाई-स्पीड कॉरिडोर की लंबाई 353 किलोमीटर थी, जो 2023 में बढ़कर 3,913 किलोमीटर हो गई। जबकि 2 लेन से कम वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 2014 के 30 प्रतिशत से घटकर 2023 में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का 10 प्रतिशत रह गई।
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जैन ने यह भी कहा कि सड़क मंत्रालय ने दिसंबर 2023-24 तक राष्ट्रीय राजमार्गों के 6,217 किलोमीटर का निर्माण किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रालय के राजमार्ग निर्माण पर खर्च 2014 से 2023 में 9.4 गुना बढ़कर 3.17 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।
जैन ने कहा कि वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत, भारत में 44 पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाएं (RVSF) चालू हैं। जबकि रियायत और मोटर वाहन टैक्स की घोषणा 19 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत 49,770 वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है।
जैन ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक सरकारी स्वामित एनएचएआई ने टोल के रूप में 18,450 करोड़ रुपये का संग्रह किया है।