त्योहार का उत्सव साल का वह समय होता है जब पूरा बाजार सामान से अटा पड़ा होता है। ज्यादातर लोग खरीदारी में व्यस्त रहते हैं। नई गाड़ी खरीदने वाले लोग भी इसे घर लाने के लिए त्योहार का समय ही चुनते हैं। उत्सव के मौके पर अगर आपक फोन बजता है और यह कार डीलरशिप से होता है, तो आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। डीलरशिप वाले आपको अपनी ब्रांड न्यू कार घर ले जाने के लिए कहते हैं, जिसका आपको बेसब्री से इंतजार था। लेकिन अब त्योहारी भीड़ के बीच वास्तव में इसे घर लाना थोड़ा मुश्किल काम हो जाता है।
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Car Delivery
- फोटो : Team-BHP
ड्राइविंग का अनुभव और विशेषज्ञता होने के बावजूद, शोरूम के रैंप से निकलकर वास्तविक दुनिया की सड़कों पर एक चमकदार नई कार किसी भी नए मालिक को रुकने और सोचने पर मजबूर कर सकती है, 'मैं इस सुंदर कार को अच्छे घर में सबसे अच्छे तरीके से कैसे ले जाऊं।' चिंता न करें क्योंकि यहां हम आपको कुछ बुनियादी लेकिन जरूरी टिप्स बता रहे हैं जो आपको बिना किसी - या ज्यादा परेशानी के पहली ड्राइव करने में मदद करेंगी।
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Car Delivery
- फोटो : For Reference Only
डिलीवरी का सही समय चुनें
हमेशा यह सलाह दी जाती है कि नई कार की डिलीवरी दिन के उजाले में ली जाए। यह सुनिश्चित करना है कि हर तरह की चेकिंग प्राकृतिक रोशनी में की जा सकें। लेकिन जब त्योहारी सीजन की बात आती है, तो यह जांचना भी सबसे अच्छा है कि कौन सा समय यह सुनिश्चित करेगा कि डीलरशिप और घर के बीच सड़क पर यातायात सबसे कम हो। शोरूम खुलते ही नई कार की डिलीवरी लेना एक अच्छा विचार लग सकता है। लेकिन यह दफ्तर जाने वाली भयावह भीड़ का समय भी हो सकता है। यही बात शाम के समय के लिए भी सच है। ऐसे में, आमतौर पर अपने नए पहियों के सेट की जिम्मेदारी लेने के लिए कम से कम दोपहर तक इंतजार करना सबसे अच्छा होता है। हालांकि याद रखें कि चाबियां आपको सौंपने में कुछ समय लग सकता है, खासकर यदि दस्तावेज से जुड़े काम पहले नहीं किए गए हों।
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Car Pooja after Delivery
- फोटो : For Reference Only
यदि बहुत जरूरी हो तो ही टंकी भरने जाएं
वाहन की डिलीवरी लेने के बाद सबसे पहला काम ईंधन स्टेशन की ओर जाना है। डीलरशिप आमतौर पर सिर्फ कुछ लीटर ईंधन ही उपलब्ध कराते हैं। लेकिन एक बार फिर, क्या आपको तुरंत ईंधन स्टेशन पर जाने की जरूरत है - या नहीं - यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपका घर शोरूम से कितनी दूर है। यदि सिर्फ कुछ किलोमीटर की दूरी है, तो ऑफ-पीक घंटों के दौरान पेट्रोल या डीजल या सीएनजी रिफिल कराने की सलाह दी जा सकती है।
लॉक, चेक और फिर दोबारा चेक करें
मॉडर्न गाड़ियां हर तरह के सिक्योरिटी सिस्टम के साथ आते हैं, जो अल्ट्रा हाई-ग्रेड सिक्योरिटी का वादा करते हैं। लेकिन हो सकता है कि आप सभी विकसित हो रही टेक्नोलॉजी के आदी न हों। इसलिए एक बार सुरक्षित रूप से अपने घर पर वापस आने पर दोबारा जांच लें कि वाहन के सभी दरवाजे बंद हैं या नहीं। यदि जरूरी हो तो इसे मैन्युअल रूप से करें। याद रखें, एक चमकदार नई कार समय की कसौटी पर खरी उतरी कार की तुलना में नापाक इरादों वाले लोगों का ज्यादा गैर-जरूरी ध्यान खींच कर सकती है।