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MoRTH: कारगिल-जंस्कार के बीच अगले साल तक बन सकती है यह सड़क, टाइगर हिल और पैंगोंग झील तक की यात्रा होगी आसान

Sat, 06 Jul 2024 07:19 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Kargil-Zanskar Intermediate Lane on National Highway 301 in Ladakh - फोटो : X/@Nitin_Gadkari
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) लद्दाख के दो सबसे दूरदराज के इलाकों को जोड़ने वाली 230 किलोमीटर लंबी कारगिल-जंस्कार सड़क को चौड़ा और अपग्रेड कर रहा है। यह सड़क नेशनल हाईवे 301 का एक महत्वपूर्ण खंड है। जिसके अगले साल तक पूरी होने की उम्मीद है।

इसे राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम (NHIDCL) द्वारा बनाया जा रहा है और यह नजदीकी भविष्य में भारत की सामरिक ताकतों की मदद करने के अलावा स्थानीय लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगा। इस हाईवे के एक बड़े हिस्से में चौड़ीकरण शामिल है। जबकि परियोजना के लिए तीन नए स्पैन पुल भी बनाए जा रहे हैं।
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Kargil-Zanskar Intermediate Lane on National Highway 301 in Ladakh - फोटो : X/@Nitin_Gadkari
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय के दस्तावेजों के अनुसार, परियोजना को 11 पैकेजों में बांटा गया है। जिसमें तीन स्पैन पुलों का निर्माण भी शामिल है। लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, चार पैकेजों पर काम पूरा हो चुका है। दो अतिरिक्त भागों में, 95 प्रतिशत से ज्यादा निर्माण कार्य हो चुका है और यह जुलाई के आखिर तक तैयार हो जाएगा। इसके अलावा, इस साल अक्तूबर-नवंबर तक तीन और पैकेज तैयार हो जाएंगे।

कारगिल की ओर से पहले 57 किलोमीटर दो पैकेजों में विभाजित हैं जो अक्तूबर 2025 तक पूरा हो जाएगा। परियोजना का बचे हुए हिस्से की इस साल तैयार होने की उम्मीद है।
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Kargil-Zanskar Intermediate Lane on National Highway 301 in Ladakh - फोटो : X/@Nitin_Gadkari
लगभग 19 किलोमीटर का पहला भाग - परियोजना के तहत पांचवां पैकेज - जून 2023 में पूरा हुआ। जबकि लगभग 80 किलोमीटर के दो और पैकेज दिसंबर 2023 में पूरे हुए। इन तीन पैकेजों में लगभग 100 किलोमीटर की दूरी शामिल थी, और इसमें 13 बड़े पुल, 18 छोटे पुल और 620 बॉक्स पुलिया शामिल थे। तीन नए स्पैन पुलों में से एक का निर्माण जनवरी 2024 में पूरा हुआ।

कारगिल और जंस्कार के बीच सभी मौसम की सड़कों और मजबूत परिवहन बुनियादी ढांचे की कमी ने यात्रा को मुश्किल बना दिया। यह हाईवे टाइगर हिल, सुरू घाटी, कारगिल बांध क्षेत्र, सानी मठ और पैंगोंग झील के लिए यात्रा को भी आसान बना देगा।

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Kargil-Zanskar Intermediate Lane on National Highway 301 in Ladakh - फोटो : X/@Nitin_Gadkari
पिछले साल, परियोजना पर अपडेट साझा करते हुए, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि भू-भाग बहुत बड़ी चुनौतियां पेश करता है। जिसमें एक तरफ गहरी खाई और दूसरी तरफ खड़ी पहाड़ी है।

मंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, "इस इलाके का कठोर वातावरण, जिसमें वनस्पति कम है और ऑक्सीजन का लेवल कम है। साथ ही इसकी अत्यधिक ठंडी जलवायु कठिनाइयों को और बढ़ा देती है। आधे से ज्यादा हिस्से में आवास और नेटवर्क कनेक्टिविटी की कमी है।" 

उन्होंने आगे कहा कि पूरा होने पर, यह सभी मौसमों वाली सड़क एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा संपत्ति के रूप में काम करेगी। जिससे सेना और भारी तोपखाने की आवाजाही में सुविधा होगी। अपने रणनीतिक महत्व से परे, यह परियोजना क्षेत्र में आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।
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Nimmu-Padam-Darcha Road - फोटो : X/@sssaaagar
क्या है परियोजना
2017 में, तत्कालीन सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री मनसुख एल मंडाविया ने लोकसभा को सूचित किया था कि राजमार्ग का कारगिल से जंस्कार खंड एक नया घोषित नेशनल हाईवे 301 है। जिसकी मौजूदा कैरिजवे चौड़ाई दो लेन के नेशनल हाईवे मानक से कम है।

अब, इस सड़क का आधा से अधिक हिस्सा - 121 किमी - दो लेन के हाईवे में अपग्रेड किया जा रहा है। जबकि बचे हुए 109 किमी को इंटरमीडिएट लेन में अपग्रेड किया जाएगा। जो एक लेन से ज्यादा लेकिन दो लेन से कम होता है।
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Nimmu-Padam-Darcha Road - फोटो : X/@drajaffer
एक ब्लॉग पोस्ट में, NHIDCL ने कहा कि NH-301 सैनिकों और भारी हथियारों की आवाजाही के लिए एक अमूल्य इंफ्रास्ट्रक्चरल एसेट (अवसंरचनात्मक संपत्ति) साबित होगी। खासकर सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा बनाई जा रही शिंकू-ला सुरंग के पूरा होने के बाद।

संस्था ने आगे कहा, "यह हाईवे मनाली, दारचा और पदुम क्षेत्रों से होते हुए कारगिल तक जाने वाला सबसे छोटा रूट भी बन जाएगा। और इन दूरदराज के क्षेत्रों के विकास में सहायक होगा। यह क्षेत्र में इको-टूरिज्म हब के विकास को भी सक्षम करेगा। जहां यात्रा के शौकीन लोग हिमालय की तलहटी में कम ज्ञात विदेशी स्थानों की खोज कर सकते हैं।" 
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Nimmu-Padam-Darcha Road - फोटो : @sssaaagar
हाईवे के विकास के साथ, टाइगर हिल - क्षेत्र के महत्वपूर्ण रणनीतिक बिंदुओं में से एक - पूरे साल रक्षा बलों के लिए सुलभ हो जाएगा। MoRTH के स्वामित्व वाली कंपनी ने कहा कि राजमार्ग से दूरदराज के क्षेत्रों में लघु और कुटीर उद्योगों को विकसित करने और स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार पैदा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इन आकर्षक स्थानों के अलावा, खूबसूरत सुरू घाटी, जो पर्यटकों की नजरों से छिपी रही है, हाईवे के बन जाने के बाद सुर्खियों में आ जाएगी।
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Ladakh - फोटो : Istock
जहां लोग बेहतर सुविधाओं के कारण पदुम और जंस्कार आते हैं, वहीं सुरू घाटी पर्यटकों की आवाजाही में पिछड़ जाती है। लेकिन यह हाईवे सुरू घाटी में पर्यटकों के जाने को आकर्षित करने में मदद करेगा। जिससे स्थानीय निवासियों को फायदा होगा।

इसमें कहा गया है, "यह हाईवे पैंगोंग झील को भी पर्यटकों के करीब लाएगा। यह एक अंतर्देशीय झील है, जिसका पानी खारा है। और यह भारत और तिब्बत के बीच फैली हुई है।"
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