मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने शनिवार को मौजूदा दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति को 31 दिसंबर, 2023 तक या नीति 2.0 की अधिसूचना तक, जो भी पहले हो, तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
मौजूदा नीति के तहत सब्सिडी सहित सभी प्रोत्साहन इस विस्तार अवधि में भी जारी रहेंगे।
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इलेक्ट्रिक कार।
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दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने एक्स (जो पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) पर एक पोस्ट में कहा, "सीएम @arvindkejriwal के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने मौजूदा दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति को 31 दिसंबर, 2023 तक या दिल्ली ईवी नीति 2.0 की अधिसूचना तक, जो भी पहले हो, बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। सब्सिडी सहित सभी प्रोत्साहन मौजूदा नीति के तहत शामिल रहेगी। दिल्ली ईवी नीति 2.0 अंतिम चरण में है और आवश्यक मंजूरी के बाद जल्द ही इसे अधिसूचित किया जाएगा।''
इससे पहले, कैलाश गहलोत ने एलान किया था कि सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए मई 2023 में शुरू की गई दो-वाहन एग्रीगेटर योजनाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही संबंधित प्राधिकरण द्वारा अनुमोदन के लिए भेजी जाएंगी।
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For Reference Only
- फोटो : PTI
गहलोत ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "यह सूचित किया जाता है कि दो एग्रीगेटर योजनाएं अर्थात् दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम 2023 और दिल्ली मोटर वाहन लाइसेंसिंग ऑफ एग्रीगेटर (प्रीमियम बसें) योजना, 2023, जो सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए मई 2023 में प्रकाशित की गई थीं, अब अपने अंतिम चरण में हैं।"
दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम का लक्ष्य राइड-हेलिंग और डिलीवरी सर्विस एग्रीगेटर्स के लिए दिशानिर्देश स्थापित करना है ताकि यह 2030 तक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित हो सकें।
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बैक्सी टैक्सी
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इसका उद्देश्य बाइक टैक्सियों और किराए पर बाइक सर्विस के लिए नियामक प्रावधान पेश करना भी है। एक बार योजना को मंजूरी मिलने के बाद, एग्रीगेटर्स को धीरे-धीरे अपने बेड़े को इलेक्ट्रिक में बदलने की जरूरत होगी।
दिल्ली ईवी नीति का लक्ष्य दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार और वाहनों के इस नए सेगमेंट के लिए एक संपूर्ण सप्लाई-चेन इकोसिस्टम बनाने के व्यापक उद्देश्य को हासिल करना है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण लाभ पहुंचाने के लिए, नीति का उद्देश्य 2024 तक सभी नए वाहनों में से 25 प्रतिशत बैटरी से चलने वाले वाहनों को तैनात करना है।