भारत में यात्री वाहनों की रिटेल बिक्री संख्या मार्च 2024 में खत्म हुए पिछले वित्त वर्ष में, 39,48,143 यूनिट रही। जो FY23 में बेची गई 36,40,399 यूनिट्स की तुलना में 8.45 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है। यह जानकारी देश के शीर्ष राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल रिटेल उद्योग निकाय Federation of Automobile Dealers Associations (FADA), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने दी है। इसने यह भी कहा कि मार्च 2024 में, भारत में यात्री वाहन सेगमेंट ने 3,22,345 यूनिट्स की थोक बिक्री दर्ज की। जो मार्च 2023 में दर्ज की गई 343,527 यूनिट्स से 6.17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करती है।
विज्ञापन
2 of 7
Automobile Sector Cars
- फोटो : PTI
फाडा के आधिकारिक बयान में आगे खुलासा किया गया है कि भारतीय यात्री वाहन बाजार ने पिछले महीने फरवरी 2024 की तुलना में 2.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। फरवरी में इसने 330,107 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की थी। संगठन ने इस मंदी को भारी छूट और सिलेक्टिव फाइनेंसिंग (चयनात्मक वित्तपोषण) को जिम्मेदार ठहराया। वित्त वर्ष 24 में दर्ज की गई साल-दर-साल बढ़ोतरी के बारे में बोलते हुए, संगठन ने कहा कि यह वाहनों की बेहतर उपलब्धता के साथ-साथ मॉडलों के मिश्रण और एसयूवी की उच्च मांग के कारण अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री बढ़ोतरी थी। बयान में आगे खुलासा किया गया है कि एसयूवी ने पिछले वित्त वर्ष में कुल पीवी बिक्री में 50 प्रतिशत का योगदान दिया।
विज्ञापन
3 of 7
Automobile Sector Cars
- फोटो : Pixabay
बिक्री प्रदर्शन पर बोलते हुए, फाडा अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने कहा कि यात्री वाहन सेगमेंट के लिए पिछला वित्तीय वर्ष एक मील का पत्थर वर्ष था। उन्होंने कहा, "पीवी सेगमेंट के लिए, FY24 एक मील का पत्थर वर्ष था, जिसने 8.45 प्रतिशत साल-दर-साल बढ़ोतरी हासिल की, और अब तक का उच्चतम स्तर हासिल किया। वाहनों की बेहतर उपलब्धता, एक आकर्षक मॉडल मिश्रण और नए मॉडलों के लॉन्च जैसे कारकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सप्लाई डायनैमिक्स (आपूर्ति गतिशीलता) में बढ़ोतरी, मार्केटिंग की रणनीतिक कोशिश, गुणवत्ता वाले रोड इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार, और अब 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रखने वाले एसयूवी सेगमेंट की मजबूत मांग ने इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।"
4 of 7
For Reference Only
- फोटो : सोशल मीडिया
दोपहिया वाहनों की बिक्री में 9.30 प्रतिशत का इजाफा
पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में भारत में दोपहिया वाहनों की बिक्री में 9.30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 24 में, पूरे भारत में 1,75,17,173 दोपहिया वाहन बिके, जो पिछले वित्तीय वर्ष में दर्ज किए गए 1,60,27,411 यूनिट्स से ज्यादा हैं। फाडा ने कहा है कि आर्थिक चिंताओं, चुनावी अनिश्चितताओं और तीव्र प्रतिस्पर्धा के बावजूद, दोपहिया वाहन सेगमेंट ने रणनीतिक विकास का प्रदर्शन किया, खासकर प्रीमियम और इलेक्ट्रिक वाहनों में।
विज्ञापन
5 of 7
Two-Wheeler Sales
- फोटो : For Reference Only
संगठन ने दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री संख्या में इस बढ़ोतरी को मॉडलों की बेहतर उपलब्धता, आईसीई (इंटरनल कंब्शन इंजन) और इलेक्ट्रिक वाहन दोनों सेगमेंटों में नई मोटरसाइकिलों और स्कूटरों के लॉन्च, एक उत्साहित बाजार भावना और रणनीतिक प्रीमियम सेगमेंट लॉन्च के लिए जिम्मेदार ठहराया।
विज्ञापन
6 of 7
Electric Two-Wheeler Sales
- फोटो : For Reference Only
ईवी की हिस्सेदारी बढ़ी
फाडा ने कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बाजार हिस्सेदारी पहली बार 9.12 प्रतिशत तक पहुंच गई। इसने दावा किया कि 31 मार्च को FAME 2 सब्सिडी खत्म होने के कारण ईवी की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। क्योंकि उपभोक्ता स्कीम खत्म होने से पहले इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए दौड़ पड़े।
दोपहिया वाहनों की बिक्री के बारे में बोलते हुए, फाडा अध्यक्ष ने कहा कि वित्त वर्ष 24 में, इस सेगमेंट में नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। जो मॉडलों की बेहतर उपलब्धता, नए उत्पादों की शुरुआत और सकारात्मक बाजार भावना सहित कई कारकों के कारण प्रेरित थी। जिसे विशेष योजनाओं और ग्रामीण बाजार के कोविड से उबरने से और ताकत मिली। उन्होंने कहा, "ईवी में बढ़ोतरी और प्रीमियम सेगमेंट में रणनीतिक लॉन्च ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही आपूर्ति की कमी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों को पार किया।"