पिछले कुछ हफ्तों में, भारतीय सेना चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के खिलाफ किसी भी मुठभेड़ की तैयारी के लिए लद्दाख में अपने सबसे कुशल उपकरणों को तैनात करने के लिए पूरे दमखम के साथ काम कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में डिजाइन और निर्मित किए गए सेना के सैनिकों के लिए आठ पहिये वाले बख्तरबंद जंगी वाहक वाहन का लेह में परीक्षण किया जा रहा है। यह वाहन स्वदेशी टाटा मोटर्स की Tata Wheeled Armoured Platform (टाटा व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म) वाहन है।
पूर्वी लद्दाख जैसे बहुत ऊंचाई वाले इलाकों में अपने सैनिकों को अत्यधिक मोबाइल बख्तरबंद सुरक्षा गाड़ियां उपलब्ध कराने के लिए भारतीय सेना को लंबे समय से ऐसी ही किसी जंगी वाहन की जरूरत है।
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TATA-DRDO WhAP
- फोटो : For Reference Only
यह वाहन सर्दियों के दौरान उच्च-ऊंचाई वाले इलाकों में परीक्षणों से गुजरेगा। यह सैनिकों को ले जाने और रणनीतिक ऊंचाइयों पर भी प्रवेश करने में कारगर साबित हो सकता है। इसके अलावा, इस वाहन के इंजन और तोपखाने की कार्य प्रणाली का आकलन करने के लिए डेपसांग में परीक्षण किया जाएगा।
भारतीय सेना को पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में सैनिकों की तुरंत आवाजाही के लिए बख्तरबंद जंगी वाहनों की आवश्यकता है, जहां चीन ने बड़ी संख्या में अपने बख्तरबंद जंगी वाहन तैनात किए हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक इन नए तैनात वाहकों की एक सफल परीक्षण के बाद भारतीय सेना के लड़ाकू वाहनों के संचालन में जबरदस्त प्रगति कर सकती है।
क्या है टाटा व्हैप की खूबियां
टाटा व्हैप को डीआरडीओ प्रयोगशाला के साथ मिलकर विकसित किया गया है। हाल के दिनों में यह वाहन कई परीक्षणों से गुजरा है जिसमें हाई एल्टीट्यूड टेस्ट (उच्च ऊंचाई परीक्षण) शामिल हैं। यह Tata Defence Combat Wheeled Armoured Amphibious Platform (टाटा डिफेंस व्हील्ड आर्मर्ड एम्फीबियस प्लेटफॉर्म) पर आधारित है।
हो सकते हैं एयरलिफ्ट
इस वाहन की खासियत की बात करें तो ये पहिये वाले वाहन हैं जो बहुत तेज गति से चल सकते हैं। यह वाहन हलके होते हैं और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एक साथ कई वाहन हवाई जहाज से एयरलिफ्ट कर पहुंचाए जा सकते हैं।
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Tata WhAP
- फोटो : Indian Army/DRDO
पानी में भी चलती है
टाटा व्हैप में Amphibious Drive Mode (एम्फीबियम ड्राइव मोड) दिया गया है, जिससे यह जमीन और पानी दोनों जगहों पर आसानी से चलाए जा सकते हैं। इसके साथ ही इसमें हाइड्रो-न्यूमैटिक स्ट्रट्स और स्वतंत्र सस्पेंशन मिलता है। टाटा व्हैप लगभग 10 से 12 लोगों को ले जा सकता है और इसे टोही वाहन, पैदल सेना वाहक, या रसद वाहक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
सेना को मजबूती देगी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन वाहनों को पैंगोंग त्सो झील, चुमार और दौलत बेग ओल्डी में सशस्त्र बलों को मजबूत करने के लिए तैनात किया जा सकता है। इसके अलावा, इसे डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किया गया है, जो सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए उठाए जा रहे कदमों को बयां करता है।