Engine Oil (इंजन ऑयल) आपकी गाड़ी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। गाड़ी की उम्र लंबी करनी है तो सभी इंजन ऑयल का चुनाव भी अहम हो जाता है। तो अपनी गाड़ी के लिए कैसे करें सभी ऑयल का चुनाव? इंजन ऑयल के सभी विकल्पों को देखते हुए, अपनी कार के लिए सही तेल का चयन एक असंभव और साथ ही चुनौतीपूर्ण काम लग सकता है। विभिन्न इंजन ऑयल के ऑप्शंस के बारे में जानने के लिए जानकारी का पहाड़ है। ऐसे में आपकी कार के लिए सबसे बढ़िया इंजन ऑयल का विकल्प कैसे चुनें। यहां हम आपको इस अहम सवाल से जुड़ी सभी जानकारी दे रहे हैं।
Engine Oil किसी भी व्हीकल के इंजन की उम्र को बढ़ाता है। इसके अलावा ज्यादा तापमान पर इंजन के कलपुर्जों को लुब्रिकेशन के जरिये स्मूथ बनाए रखता है। इससे इंजन के अलग-अलग हिस्सों में Friction (घर्षण) कम होता है। इंजन ऑयल वाहन के इंजन के तापमान को कम करने और ठंडा रखने में भी मददगार होता है। इसके साथ ही ऑयल इंजन में जम गए कार्बन और गंदगी को भी साफ करता है।
इंजन ऑयल का चुनाव कैसे करें
वाहन के मॉडल के अनुसार इंजन ऑयल का चुनाव किया जाना चाहिए। लंबे समय में इंजन की उम्र, प्रदर्शन और इसकी सुरक्षा इंजन ऑयल पर से तय होती है। समय के साथ इंजन की टेक्नोलॉजी बदली है। इसलिए ऑटोमोबाइल कंपनियां कार की इंजन क्षमता को देखते हुए इंजन ऑयल तय करती हैं। पेट्रोल इंजन और डीजल इंजन के लिए अलग-अलग इंजन ऑयल होता है। अपनी कार के लिए सबसे बढ़िया इंजन ऑयल कैसे चुनें। इस सवाल के जवाब के लिए पहला ईमानदारी भरा कदम काफी सरल है, और वह यह है कि कार का मैनुअल पढ़ें। ऑटोमोबाइल कंपनी ने आपकी कार के लिए जिस ऑयल को इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है, वही इंजन ऑयल का उपयोग करें।
ऑयल की चिकनाहट अहम
अपनी गाड़ी के लिए इंजन ऑयल खरीदते समय यह ध्यान रखा जाना जरूरी है कि उसकी विस्कोसिटी यानी चिकनाहट कितनी है। ऑयल में विस्कोसिटी जितना ज्यादा होता है, चिकनाहट भी उतनी अधिक होगी। इंजन में ज्यादा तापमान होने की वजह से समय के साथ-साथ ऑयल की चिकनाहट कम होती जाती है। वहीं जलने की वजह से भी इंजन ऑयल कम हो जाता है। इसके साथ इंजन के कई कंपार्टमेंट में लगातार घर्षण होने से ऑयल गंदा भी होता है, जिससे इसकी चिकनाहट कम हो जाती है। इसलिए इंजन ऑयल की विस्कोसिटी की जांच कराते रहना चाहिए।
पेट्रोल इंजन के लिए अलग ऑयल
व्हीकल किस ईंधन पर चलती है जैसे पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी। इसी से इंजन ऑयल चुना जाता है। पेट्रोल इंजन की आरपीएम ज्यादा होती है यानी उसकी स्पीड ज्यादा होती है। इस वजह से ऑटोमोबाइल कंपनियां पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों के लिए W5-30 ऑयल इस्तेमाल करने की सिफारिश करती हैं।
डीजल इंजन के लिए अलग ऑयल
डीजल इंजन का कम्बशन सिस्टम अलग होता है। इसमें ईंधन और हवा का मिश्रण हाई प्रेशर से ब्लास्ट होता है। ऐसे में इंजन का प्रदर्शन बढ़िया रहे और इंजन के कम्पोनेंट जल्दी नहीं घिसे, इसके लिए ऑयल में ज्यादा चिकनाहट होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा डीजल इंजन में बहुत ज्यादा कार्बन जम जाता है। इस कारण से ऑटोमोबाइल कंपनियां डीजल इंजन वाली गाड़ियों के लिए W15-40 से ज्यादा विस्कोसिटी वाले इंजन ऑयल इस्तेमाल करने की सिफारिश करती हैं।