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एक दूसरे से बिलकुल विपरीत होते हैं ये दो योग, एक होता है कष्टकारक, तो दूसरा देता है सुख ही सुख

Fri, 19 Feb 2021 07:08 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
वैदिक ज्योतिष कई तरह के योग बताए गए हैं जिनमें से कई योग शुभ तो कई योग अशुभ होते हैं। जहां शुभ योग व्यक्ति के जीवन को सुखमय बना देते हैं तो वहीं अशुभ योग के कारण व्यक्ति को अपने जीवन में कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। इसी तरह से ज्योतिष में दो योगों का बारे में बताया गया है, ये योग ग्रहों की बिलकुल विपरीत परिस्थितियों का कारण बनते हैं। एक योग के कारण जहां जातक को अपने जीवन में कष्टों का सामना करना पड़ता है तो वहीं दूसरा योग बनने पर व्यक्ति का जीवन सुखमय हो जाता है। तो चलिए जानते हैं कि कौन से हैं ये योग, कैसे होता है इन योगों का निर्माण और कैसे करते हैं ये आपके जीवन को प्रभावित...
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
सर्प और माला योग
ज्योतिष के अनुसार कुंडली में बनने वाला सर्प योग और माला योग का निर्माण ग्रहों की एक दूसरे से विपरीत स्थिति होने पर बनते हैं। इन दोनो योगों को दलयोग कहा जाता है। जिसमें से सर्प योग को अशुभ तो माला योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। ये दोनों ही योग जन्मकुंडली में 1, 4, 7, 10 में बैठे ग्रहों के कारण बनते हैं।
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सर्प योग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कैसे बनता है सर्प योग 
ज्योतिष के अनुसार जब किसी जातक की जन्म कुंडली के 1, 4, 7, 10 स्थानों में से किन्ही तीन स्थानो पुर यदि सूर्य, मंगल, शनि हो तो सर्प योग का निर्माण होता । इस योग के कारण व्यक्ति को किसी भी कार्य में सफलता नहीं मिलती है हर कार्य में परेशानी आती है, उसे हर कार्य में कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है या कह सकते हैं कि व्यक्ति का जीवन कष्टमय हो जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
माला योग और उसके प्रभाव
सर्प योग के विपरीत माला योग का निर्माण उन्हीं स्थानों यानि 1, 4, 7, 10 ग्रहों की बिलकुल विपरीत स्थिति के कारण होता है। ज्योतिष के अनुसार जब किसी जातक की कुंडली में 1, 4, 7, 10 में से जब तीन स्थानों पर ये शुभ ग्रह, बुध, गुरु, शुक्र होते हैं तब माला योग का निर्माण होता है। जहां सर्प योग के कारण कष्ट मिलते हैं तो वहीं माला योग के कारण व्यक्ति धन-संपत्ति उच्चपद की प्राप्ति होती है। हर परिस्थिति अनुकूल हो जाती है। जातक का जीवन सुखमय हो जाता है। जो भी काम करता है, वह पूर्ण हो जाता है।
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