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Surya Grahan 2023: आज लगेगा साल का अंतिम सूर्य ग्रहण, जानें समय, सूतक काल, प्रभाव और उपाय

Sat, 14 Oct 2023 06:52 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, नई दिल्ली
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Surya Grahan - फोटो : अमर उजाला
Solar Eclipse 2023 October: आज यानी 14 अक्टूबर 2023 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा। यह सूर्य ग्रहण शारदीय नवरात्रि के शुरू होने से एक दिन पहले को लगेगा। वैसे तो सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, लेकिन हिंदू धर्म में इसका काफी महत्व है। धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण की घटना का जिम्मेदार राहु-केतु को माना जाता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण का प्रभाव ग्रह-नक्षत्र और सभी राशियों पर पड़ता है। भारतीय समयानुसार ग्रहण रात 8:34 से मध्य रात्रि 2:25 तक रहेगा।सूर्य ग्रहण एक ऐसी घटना है जिसमें सूर्य चंद्रमा द्वारा अवरुद्ध हो जाता है, जबकि चंद्र ग्रहण में पृथ्वी की छाया चंद्रमा को ढक देती है। सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य को ग्रहण कर लेता है। इसका मतलब यह है कि चंद्रमा, पृथ्वी की परिक्रमा करते समय, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है, जिससे सूर्य अवरुद्ध हो जाता है और सूर्य का प्रकाश हम तक नहीं पहुंच पाता है। सूर्य ग्रहण चार प्रकार के होते हैं- आंशिक सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण, पूर्ण सूर्य ग्रहण और संकर सूर्य ग्रहण। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण का समयम, कहां कहाँ दिखेगा, प्रभाव आदि के बारे में। 
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Surya Grahan - फोटो : ANI
सूर्य ग्रहण का समय 
पंचांग की गणना के मुताबिक साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 14 अक्तूबर 2023 को लगेगा। भारतीय समय के अनुसार यह सूर्य ग्रहण 14 अक्तूबर को रात के 08 बजकर 34 मिनट से आरंभ हो जाएगा, जिसका समापन मध्य रात्रि को 02 बजकर 25 मिनट पर होगा। यह सूर्य ग्रहण वलयाकार में होगा। जिसमें आसमान में सूर्य एक अंगूठी यानी रिंग के आकार में नजर आएगा। जिस कारण से रिंग ऑफ फायर कहा जाता है।
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Surya Grahan - फोटो : अमर उजाला
इन जगह दिखेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 
14-15 अक्तूबर को पड़ने वाला साल का आखिरी सूर्यग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा, क्योंकि यह सूर्य ग्रहण रात में लगेगा जिस कारण भारत में नहीं दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, कनाडा, मैक्सिकों, अर्जेटीना, पेरू, क्यूबा, कोलांबिया और ब्राजील में देखा जा सकेगा।

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Surya Grahan
भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा
धार्मिक नजरिए के लिहाज से ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है और ग्रहण के लगने से पहले ही सूतक काल मान्य होता है। सूतक काल लगने पर किसी भी तरह का शुभ कार्य और पूजा-अनुष्ठान करना वर्जित होता है। सूर्य ग्रहण लगने पर ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक काल मान्य होता है वहीं चंद्र ग्रहण लगने पर सूतक काल 9 घंटे पहले मान्य होता है। चूंकि भारत में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। इस दिन सामान्य दिनचर्या में कामकाज किया जा सकता है।
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Surya Grahan
सूर्य ग्रहण का प्रभाव
शास्त्रानुसार व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का प्रभाव शुभ नहीं माना गया है। ग्रहण जैसी घटनाओं से प्रकृति पर कुछ ना कुछ दुष्प्रभाव ही पड़ते हैं।
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Surya Grahan - फोटो : अमर उजाला
सूर्य ग्रहण पर ज्योतिषय आंकलन 
सूर्य 17 अक्टूबर को अपनी नीच राशि तुला में जाने वाला है और फिलहाल यह सूर्य ग्रहण कन्या राशि के अंतिम चरणों में व चित्रा नक्षत्र के दूसरे चरण में पड़ेगा, यह चित्रा नक्षत्र मंगल ग्रह का नक्षत्र है, और मंगल भूमि का स्वामी है। अतः इस सूर्य ग्रहण का दुष्प्रभाव पृथ्वी पर कुछ ज्यादा देखने को मिल सकता है। मंगल व सूर्य दोनों ही अग्नि के कारक ग्रह है, इसलिए युद्ध, बारूद, आगजनी, विमान दुर्घटना, भूकंप की वजह से बड़ी जनहानि की संभावना बन जाती है।
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Surya Grahan - फोटो : अमर उजाला
सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव कम करने के उपाय 
सूर्य ग्रहण के दुष्परिणाम कम करने के लिए सबसे अच्छे दो उपाय हैं- गायत्री मंत्र का जाप या महामृत्युंजय जप, इन दोनों में से किसी भी एक मंत्र का जाप करने से पृथ्वी पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।
गायत्री मंत्र
ॐ भूर् भुवः स्वः।
तत् सवितुर्वरेण्यं।
भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

महामृत्युंजय मंत्र 
त्र्यंबकम् यजामहे सुगंधिम पुष्टि: वर्धनम्।
उर्वारुकमिव बंधनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
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