हिन्दू धर्म में कन्या संक्रांति का विशेष महत्व है। इस साल 17 सितंबर शुक्रवार को है। हिन्दू धर्म में संक्रांति पर्व का विशेष महत्व होता है। इस दिन सूर्य देव की आराधना करने का विधान है। कन्या संक्रांति तिथि स्नान, दान आदि धार्मिक कार्यों के लिए बेहद लाभदायक मानी गई है। पितरों की आत्मा की शांति के लिए इस दिन पूजा करना फायदेमंद माना गया है। कन्या संक्रांति पर विश्वकर्मा पूजन भी किया जाता है जिस वजह से इस तिथि का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। ज्योतिष विज्ञान में सूर्य जब एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इसे संक्रांति कहते हैं। कन्या संक्रांति की अवधि में सभी राशियों को शुभ-अशुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। चार राशि के जातकों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं ये चार राशियां कौन-कौनसी हैं-