ज्योतिषशास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है। फ़लित ज्योतिष के शास्त्रो में शनि को अनेक नामों से सम्बोधित किया गया है, जैसे मन्दगामी, सूर्य-पुत्र, शनिश्चर और छायापुत्र आदि। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं, इसलिए मंदगामी कहलाते हैं। शनि के नक्षत्र पुष्य,अनुराधा, और उत्तराभाद्रपद हैं। शनि मकर, और कुंभ राशि के स्वामी ग्रह हैं। शनि अपनी राशि बदलने में ढाई साल का वक्त लेते हैं। शनि की मंद गति के कारण इनका असर राशियों पर भी काफी समय तक रहता है। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या जिस राशि में होती है उस राशि का जातक काफी समय तक परेशान रहता है। वर्तमान में शनि मकर राशि में हैं। लेकिन साल 2022 में शनि अपना राशि परिवर्तन करेंगे। ऐसे में किस राशि के जातकों पर शनि भारी रहेंगे और किन राशि के जातकों को शनि से मुक्ति मिलेगी आइए जानते हैं विस्तार से-