महान ग्रह शुक्र 11 अगस्त को सिंह राशि की यात्रा समाप्त करके कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं जहां ये 5 सितंबर की रात्रि 12 बजकर 48 मिनट तक गोचर करेंगे उसके बाद तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी शुक्र कन्या राशि में नीच राशि के और मीन राशि में उच्च के माने गए हैं। अपनी नीच राशि कन्या में गोचर करते हुए ये अन्य सभी राशियों पर कैसा प्रभाव डालेंगे, इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि
राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए शुक्र का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। गुप्त शत्रु बढ़ेंगे और आपको नीचा दिखाने की हर संभव कोशिश करेंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में अधिक सावधानी बरतें। यात्रा भी सावधानीपूर्वक करें। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। शादी-विवाह से संबंधित वार्ता में थोड़ा विलंब हो सकता है।