सभी ग्रहों में शनि मात्र ऐसे ग्रह हैं जो सबसे धीमी गति से चलते हैं। शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि की मंद गति से चलने के वजह से इनका प्रभाव काफी समय तक रहता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि कुंभ और मकर राशि के स्वामी होते हैं। शनि तुला राशि में उच्च के जबकि मेष राशि में नीच के होते हैं। आपको बता दें कि शनि इस समय अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान हैं। शनि को तीन द्दष्टियां प्राप्ति हैं तीसरी, सातवीं और दसवीं। ऐसे में शनि की तीसरी द्दष्टि इस समय मंगल पर पड़ रही है। क्योंकि मंगल इस समय अपनी ही राशि मेष में मौजूद हैं। 12 जुलाई तक शनि की तीसरी द्दष्टि मंगल पर पड़ेगी। जिस कारण से कुछ राशि वालों के जीवन में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं ये राशियां।