वैदिक ज्योतिष में सूर्य को शनि का शत्रु कहा गया है। अगर किसी की कुंडली में सूर्य-शनि की युति हो या एक दूसरे को ये ग्रह देखते हो तो जातक के जीवन में संघर्ष होता है। दरअसल सूर्य ग्रहों के राजा है और शनि की उनसे शत्रुता के कारण सूर्य अपना फल नहीं देते जिसकी वजह से जातक को मान सम्मान के लिए बहुत समय तक इंतज़ार करना पड़ जाता है। इसके अलावा यह युति पिता को कष्ट देने वाली भी कही गई है। गोचर में भी सूर्य-शनि की युति एक बड़ी घटना होती है जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। 13 फरवरी को सूर्य देव कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे जहां पहले ही शनि विराजमान होंगे, ऐसे में सूर्य- शनि की युति कुंभ राशि में बनेगी।
यह युति 14 मार्च तक प्रभावी रहेगी और उसके बाद सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। दूसरी ओर दोनों ग्रहों की सप्तम दृष्टि सिंह राशि पर होगी जिससे राजनीति में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई देगा। इस गोचर से 3 राशियों को बेहद लाभ होता हुआ दिखाई दे रहा है। आइए जानते है कि 3 राशियां कौन कौन सी है।
वार्षिक राशिफल 2023
मेष राशिफल 2023। वृषभ राशिफल 2023 । मिथुन राशिफल 2023 । कर्क राशिफल 2023 । सिंह राशिफल 2023 । कन्या राशिफल 2023
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