न्याय और कर्मफलदाता शनि 9 अक्तूबर 2026 को मीन राशि में वक्री अवस्था में उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं इससे तुला, वृश्चिक और धनु पर कैसा पड़ेगा प्रभाव।
वैदिक ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफलदाता और न्याय का कारक ग्रह माना जाता है। शनि की चाल धीमी होने के कारण इनका शुभ या अशुभ प्रभाव काफी लंबे समय तक होता है। शनि अभी मीन राशि में वक्री अवस्था में हैं और 9 अक्टूबर 2026 को नक्षत्र परिवर्नत करेंगे, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर देखने को मिलेगा। शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी ग्रह स्वयं शनिदेव होते हैं। जिसमें वे काफी प्रभावशाली और फलदायी होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करने से तुला, वृश्चिक और धनु राशि पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा।
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तुला राशि
- फोटो : amar ujala
तुला राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव
शनि के मीन राशि में रहते हुए और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करने से आपको थोड़ा संभलकर रहना होगा। शनि के शुरुआती दिनों में ही आपके सामने कुछ दिक्कतों का सामना करना होगा फिर राहत मिलेगी। नौकरीपेशा जातकों को लाभ के सुनहरे अवसर भी मिल सकते हैं। जो लोग किसी तरह व्यापार आदि में हैं उनको अच्छी डील हासिल हो सकती है। लाभ के सुनहरे अवसरों में वृद्धि हो सकती है लेकिन आपको बहुत ही सोच-समझकर आगे बढ़ना होगा।
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वृश्चिक राशि
- फोटो : amar ujala
वृश्चिक राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव
9 अक्टूबर को शनि के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव वृश्चिक राशि वालों के लिए सकारात्मक रहेगा। आपकी राशि से शनि का संचरण पंचम भाव में होगा, जिससे इस राशि के जातकों को शिक्षा, पढ़ाई और रिसर्च के क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां मिल सकती है। अधूरे कार्य पूरे होंगे और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के लिए बेहतर अवसर मिल सकते हैं। लेकिन इस दौरान आपको लेन-देने के मामलों में आपको संभलकर रहना होगा।
धनु राशि पर शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र की गणनाओं के अनुसार, शनि आपकी राशि में चौथे भाव में संचरण करेंगे। कुंडली का चौथा भाव भूमि, संपत्ति, माता और सुख का होता है। शनि के नक्षत्र परिवर्तन करने से, घर-परिवार, जमीन-मकान और पैतृक संपत्ति से जुड़ी परेशाानियों में इजाफा हो सकता है। इसको लेकर कोर्ट-कचहरी में मामला पहुंच सकता है। ऐसे में आने वाले समय में आपको वाद-विवाद से बचकर रहना होगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता,संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं।