Saturn Transit 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी शनि अपनी राशि परिवर्तन करते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के ऊपर रहता है। शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह माने जाते हैं। यह एक राशि में करीब ढाई साल तक रहते हैं जिस कारण से जिन राशियों के ऊपर शनि का प्रभाव रहता है वह लंबे समय तक रहता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को न्याय का देवता माना गया है। यह व्यक्ति को कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि एक राशि में दोबारा आने के लिए करीब 30 वर्ष का समय लेते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि अभी अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान हैं और इस पूरे साल इसी राशि में रहेंगे। शनि 29 मार्च 2025 को अपनी स्वराशि और मूल त्रिकोण राशि कुंभ की यात्रा को विराम देते हुए गुरु की राशि मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शनि मीन राशि में 02 जून 2027 तक रहेंगे। शनि के राशि परिवर्तन करते ही कुछ राशियों से साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी तो वहीं कुछ पर शुरू भी जाएगी और परेशानियों में वृद्धि हो जाएगी। आइए जानते हैं शनि के मीन राशि में गोचर करने से किन राशियों की मुश्किले बढ़ेंगी।